फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal: रोडवेज का चक्का जाम-कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत कर्मियों ने संभाली कमान, डिपो में चलीं 120 बसें

Wed, 24 Jan 2024 03:08 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)

सार

रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के कारण सुबह के समय नए बस अड्डा पर पहुंचे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जबकि बाद में बसों का संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों को राहत मिली।
विज्ञापन
कैथल बस डिपो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कैथल में रोडवेज कर्मियों की ओर से विभिन्न मांगों के समर्थन में हड़ताल का आह्वान किया था। कैथल डिपो में रोडवेज का चक्का जाम का मिला-जुला असर दिखाई दिया। इस दौरान डिपो में हरियाणा रोडवेज निगम के तहत कार्यरत 52 कर्मियों ने कमान संभाली। इन कर्मियों में चालक व परिचालक शामिल रहे। इस दौरान कैथल डिपो की ओर से 120 बसों का रूटों पर संचालित किया गया।

विज्ञापन


जबकि इसमें 23 बसें किलोमीटर स्कीम की शामिल रही। हालांकि बसों के न चलने से कई रूटों पर यात्रियों को परेशानियां भी झेलनी पड़ी। इसके चलते लंबे रूटों पर बसें देरी से मिली और स्थानीय रूटों पर अधिक परेशानी यात्रियों को झेलनी पड़ी। स्थानीय रूटों में शामिल चीका व पातड़ा रूटों पर पंजाब रोडवेज और निजी बसें ही सहारा बनी। हड़ताल के चलते पंजाब रोडवेज और निजी बसों में भीड़ देखने को मिली।

सुबह के समय दिखी परेशानी, बाद में मिली राहत
रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के कारण सुबह के समय नए बस अड्डा पर पहुंचे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जबकि बाद में बसों का संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों को राहत मिली। सुबह के समय बस स्टैंड पर यात्री रवि ने कहा कि उसे सुबह के समय दिल्ली जाना था, लेकिन उसे करीब एक घंटे का इंतजार करने के बाद यह बस मिली। इस बस में काफी भीड़ दिखाई दी। काफी दिक्कतों का सामना करने के बाद यह बस मिली है। वहीं, शुभम ने बताया कि उसे चंडीगढ़ जाना था, लेकिन सुबह के समय चंडीगढ़ जाने वाले बस का संचालन करीब दो घंटे के बाद हुआ। इस कारण परेशानी हुई।
विज्ञापन


मांगों पर सहमति जता नहीं किया लागू
यूनियन के नेता महाबीर संधू ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों पर सहमति तो जताई है, लेकिन इन्हें लागू करने के लिए कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है। इसके चलते ही बुधवार को सांझा मोर्चा के आह्वान पर हड़ताल की गई है। बुधवार को रोडवेज कर्मचारी यूनियन की सांझा मोर्चा ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की है।

उनकी मांगों को जल्द ही पूरा न किया गया तो वे आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे। सरकार ने उनकी छुट्टियों में कटौती की है। रूट परमिट का निजीकरण किया जा रहा है। इससे जनता को भी परेशानी होगी। यदि नियमित पदों को भरा जाएगा तो युवाओं को नौकरी मिलेगी। उनके परिवारों का पालन पोषण होगा। कौशल निगम में नौकरी से युवाओं का भविष्य तय नहीं होगा।

बसों के संचालन को लेकर स्थिति सामान्य रही
रोडवेज कर्मियों ने हड़ताल का आह्वान तो किया था, लेकिन कैथल डिपो में बसों के संचालन को लेकर स्थिति सामान्य रही। इस दौरान सुबह के समय तो यात्रियों को कुछ परेशानी हुई, लेकिन दोपहर तक स्थिति सामान्य हो गई थी। डिपो पर सामान्य दिनों की तरह की बसें अपने-अपने रूटों पर निर्धारित समय चली। लंबे रूट पर चलने वाली जयपुर, देहरादून, हरिद्वार सहित अन्य रूटों पर बसों का संचालन हुआ है। यह बसें अपने समय पर चली हैं। कौशल रोजगार निगम में शामिल स्टाफ सहित अन्य नियमित स्टाफ ने अपनी ड्यूटी संभाली है। - अजय गर्ग, रोडवेज महाप्रबंधक, कैथल।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें