संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सर्दी के चलते स्कूलों में बच्चों के सर्दी से बचाव के लिए व्यवस्था पूरी नहीं हैं। कई स्कूलों में बच्चों को नीचे फर्श पर बैठकर ही पढ़ाई करनी पड़ती है तो कई स्कूलों में दरवाजे, खिड़कियां नहीं होने से ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है। ऐसे स्कूलों में ठिठुरते पढ़ाई में बच्चे जुटे दिखे। उन्हें बेंच तक नसीब नहीं हुई थी।
खुराना रोड स्थित नानकपुरी कॉलोनी में राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल प्राइमरी स्कूल में बच्चे सर्दी के मौसम में टाट पट्टी पर बैठकर अपनी पढ़ाई कर रहे थे। इस स्कूल में पांच कमरे बने हुए है। प्रत्येक कमरे में तीन कक्षाएं चलती है। मुख्य अध्यापक फूल सिंह ने बताया कि स्कूल में लगभग 375 बच्चे हैं। शीतकालीन अवकाश के बाद मंगलवार को स्कूल खुले है। पहले दिन 110 के करीब बच्चे स्कूल में उपस्थित रहे। स्कूल में जगह की कमी के कारण विभाग को पत्र लिखा है। विभाग से उन्होंने बच्चों के लिए बेंच और जगह की व्यवस्था करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि स्कूल में वर्ष 2003-04 में बेंच आए थे, जो पूरी तरह से टूट चुके हैं। जो बच्चों के बैठक योग्य नहीं है। इस कारण से उन्होंने बच्चों को टाट पर बैठाना पड़ रहा है। स्कूल के सभी स्टाफ सदस्यों ने मिलकर बच्चों के लिए टाट पट्टी की व्यवस्था की है। विभाग से मांग है कि जल्द से बच्चों के लिए बेंच भेजने की व्यवस्था बनाए, ताकि बच्चे सर्दी में टाट पर न बैठकर बेंच पर पढ़ाई करे।
वहीं नहर कॉलोनी स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में मात्र दो कमरे व एक रसोई है। स्कूल में बच्चों की कुल संख्या 38 है। मुख्य अध्यापक बलबीर सिंह ने बताया कि स्कूल में बच्चों की कुल 38 संख्या है, इनमें से मंगलवार को सर्दी के चलते 11 बच्चे ही स्कूल पहुंचे हैं। स्कूल में कई वर्षों से हवादार दीवार बनी हुई है। इससे बच्चों को सर्दी के समय में परेशानी होती है और गर्मी के मौसम को देखते हुए दीवार ठीक है। उन्होंने बताया कि स्कूल के दो कमरों में बच्चों की पढ़ाई होती है। इनमें से एक कमरे की खिड़कियों के दरवाजे टूटे हुए हैं, जिनमें बच्चों को सर्दी लगती है। स्कूल में कुछ बेंच है जो टूटे पड़े हैं। बच्चों के लिए मैट की व्यवस्था की गई है ताकि बच्चों को ठंड न लगे। बच्चों के लिए 14 बेंचों के लिए विभाग से मांग की है।