भारतीय किसान यूनियन की गुहला चीका इकाई ने एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू न करने के विरोध में जजपा विधायक ईश्वर सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। किसान एक जुलूस के रूप में विधायक की कोठी पर पहुंचे और प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने विधायक के आवास के बाहर ही दरियां बिछा लीं और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के युवा जिला प्रधान हरदीप बदसूई ने कहा कि सरकार का अब तक का रवैया पूरी तरह किसानों के खिलाफ है, जिससे किसानों में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है। सरकार को किसानों के प्रकोप का सामना करना पड़ेगा। हरदीप ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा 11 तारीख से धान की खरीद शुरू करने का फरमान जारी करना यह साफ तौर पर दर्शाता है कि सरकार धान खरीद में देरी करके बड़े घरानों को लाभ पहुंचाना चाहती है।
प्रताप सिंह अगोंध, कुलविंदर नंबरदार, नानक सिंह, चरणजीत कौर, डॉक्टर साहब सिंह संधू, तेजिंदर सिंह हिम्मतपुरा, रणजीत बदसूई, जस्सा हरनौली, गुरदेव बदसूई व चरणजीत बाजवा सहित बड़ी संख्या में किसानों के साथ महिला किसान भी मौजूद थे। जब किसान भारी संख्या में महिला किसानों के साथ गुहला जजपा विधायक की कोठी पर धरना देने के लिए पहुंचे तो अचानक आसमान पर काली घटाएं छा गई और जैसे ही महिलाओं ने विधायक व सरकार के खिलाफ स्यापा शुरू किया तो जोरदार बरसात शुरू हो गई।
प्रदर्शन के दौरान जैसे ही बरसात आई तो भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के आला अधिकारियों से आग्रह किया की विधायक की कोठी के अंदर कोई नहीं है और वह पूरी तरह खाली पड़ी है, परंतु बाहर किसान, जिनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। बुरी तरह बरसात में भीग रहे हैं तो क्यों न कोठी के दरवाजे खोल दिए जाएं। तहसीलदार प्रदीप कुमार व डीएसपी किशोरी लाल ने स्थिति को संभाला और किसानों को विधायक की कोठी के अंदर जाने से रोका।
सीएम मनोहर लाल के कैथल में नौ अक्तूबर को प्रस्तावित दौरे का किसानों ने विरोध का मन बना लिया है। महिला किसान नेत्री चरणजीत कौर ने किसानों का आह्वान किया कि सीएम के दौरे के विरोध को लेकर तैयारियां शुरू कर दें। भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ सदस्य डॉक्टर साहब सिंह संधू ने बताया की विधायक के निवास के बाहर शुरू किया गया धरना अब धान की खरीद शुरू होने के बाद ही खत्म हो सकेगा।