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आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों के किराये के लाले, यहां नौनिहालों को कैसे पढ़ा लें

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Rent for the buildings of Anganwadi centers, here's how to teach the newbies - फोटो : Kaithal
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कहने को तो महिला एवं बाल विकास विभाग जिले के 191 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूलों में बदलने की बात कर रहा है, लेकिन जो सुविधाएं नौनिहालों को प्ले स्कूलों में दी जानी हैं, उनके नाम पर अभी तक कुछ भी केंद्रों में उपलब्ध नहीं है। यहां तक कि ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्रों के पास खुद की जगह भी उपलब्ध नहीं है। ज्यादातर केंद्र किराये के कमरों में चल रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि अगर बच्चों को केंद्र में बैठाएं तो राशन रखने को जगह नहीं और राशन अंदर रखें तो बच्चों के लिए जगह नहीं। किराये के एक-एक कमरे में केंद्र चल रहे हैं। कई केंद्रों का तो किराया भी कई माह से नहीं मिला है।
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जिले में इस समय 1270 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन केंद्रों में से करीब 75 प्रतिशत के पास खुद की जमीन अथवा इमारत नहीं है। इनके लिए या तो किराये पर छोटे-छोटे कमरे लिए गए हैं या फिर सरकारी स्कूलों में कमरे लेकर केंद्र चलाए जा रहे हैं। अगर प्ले स्कूलों में बच्चों को खेल व प्रारंभिक शिक्षण देने के लिए पूरे उपकरण उपलब्ध हो भी जाते हैं तो उन्हें रखने तक में परेशानी होगी।
प्ले स्कूलों के लिए निर्धारित किए गए हैं नौनिहालों को बैठाने से लेकर उपकरणों को रखने तक के मापदंड-प्ले स्कूलों में नौनिहालों को बैठाने से लेकर उपकरण और अन्य सामान रखने के लिए मापदंड तय किए गए हैं। वर्करों को प्रशिक्षण के दौरान बताया गया है कि केंद्र के किस कौने में क्या रखा जाएगा, कहां मेज होगी, कहां खेल और पढ़ाई का सामान रखा जाएगा और कहां बच्चे बैठेंगे। ऐसे में एक-एक कमरे में इन सभी चीजों का प्रबंधन कैसे हो पाएगा, ये भी बड़ा सवाल है। अगर केंद्रों को जमीन और छत ही पूरी नहीं मिलेगी तो प्ले स्कूल कैसे संचालित होंगे। अभी तक ये भी पता नहीं लग पाया है कि प्ले स्कूल किन केंद्रों में बनेंगे।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रभारी अनिता नैन ने बताया कि शुरुआती चरण में जो प्ले स्कूल जिले में बनाए जाने हैं, उन्हें खुद की इमारतों में ही बनाने का विभाग का प्रयास है। इसके अलावा जो केंद्र किराये के कमरों में चल रहे हैं, उनका किराया विभाग द्वारा वहन किया जा रहा है। प्ले स्कूलों में सभी जरूरी सुविधाएं बच्चों के लिए उपलब्ध करवाई जाएंगी।
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