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Kaithal: पराली जलाने के मामले में जिले में अब तक 68 किसानों की जमीन की रेड एंट्री, 14 गिरफ्तार

Tue, 22 Oct 2024 08:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)

सार

अब तक 22 एफआईआर भी की जा चुकी हैं। जिले में अब तक पराली जलाने के 127 मामले सामने आए हैं। वहीं अब तक जिले में दो लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, पुलिस की ओर भी सख्ती की जा रही है। गश्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।
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एक गांव में दौरा करते कृषि अधिकारी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा के कैथल जिले में पराली जलाने वाले किसानों पर जिला प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। इसके तहत अब तक पूरे जिले में 68 किसानों को रेड एंट्री किया गया है। वहीं, अभी तक पूरे जिले में 14 किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि पुलिस ने इन किसानों को गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही जमानत पर छोड़ दिया था।

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गौरतलब है कि जिले में अब पराली जलाने के 127 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें से दो लाख पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किसानों पर लगाया गया है। वहीं, सोमवार को पराली जलाने का एक भी मामला सामने नहीं आया था। इसके साथ ही मंगलवार को दूसरे दिन भी कृषि विभाग को पराली जलाने की कोई नई लोकेशन नहीं मिली है। जिससे जिला प्रशासन को थोड़ी राहत जरूर मिली है।

जिले में बढ़ रहे पराली जलाने के मामले के बाद से जिला प्रशासन ने काफी सख्ती की थी। इसके बाद धड़ल्ले पराली जलाने वाले किसानों पर पहले एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। इस मामले में कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. बाबू लाल ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेशों पर पराली न जलाने को लेकर किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
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इसी कड़ी में अब तक 68 किसानों की रेड एंट्री की गई है। इसे पोर्टल पर भी चढ़ा दिया गया है। किसानों को रेड एंट्री करने के विरोध में किसानों ने मंगलवार को गुहला-चीका में तहसीलदार कार्यालय में प्रदर्शन भी किया। पराली जलाने के मामले में जिला प्रशासन की लगातार सख्ती है। बताया कि अभी तक करीब दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है।

लापरवाही बरतने पर कृषि विभाग में कार्यरत तीन सुपरवाइजर किए सस्पेंड
एक तरफ जहां सरकार की ओर से पराली जलाने के मामले में किसानों पर सख्ती की गई है। वहीं, कृषि विभाग के कर्मियों पर सरकार ने सख्ती लाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मंगलवार को कृषि विभाग के मुख्यालय ने पत्र जारी कर कैथल में तीन कृषि सुपरवाइजरों को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं। इसमें कृषि विभाग में कार्यरत सुपरवाइजर दीपक, हरप्रीत सिंह और यादविंद्र को सस्पेंड किया गया है।


पराली जलाने पर एफआईआर करने के विरोध में किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
पराली जलाने पर प्रशासन की ओर से किसानों पर दर्ज किए जा रहे मुकद्दमों व उन्हें ब्लैक लिस्ट करने के विरोध में मंगलवार को किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। एसडीएम की गैर मौजूदगी में तहसीलदार मनजीत सिंह ने किसानों से ज्ञापन लिया।

भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह व सर छोटू राम गुहला इकाई के जिला प्रधान जगदेव पुनिया बदसुई, स्टेट कोर कमेटी सदस्य जस्सा पूनिया व जिला महासचिव तेजेंद्र पूनिया ने कहा कि धान के अवशेष जलाने पर किसान को गिरफ्तार करने और उन्हें ब्लैक लिस्ट करके उनकी फसल खरीद पर रोक लगाने का फरमान निंदनीय है और सरकार इसे तुरंत वापिस ले। जगदेव पुनिया ने कहा कि पराली में आग लगाने पर किसानों को डराया व धमकाया जा रहा जिसे किसान सहन नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि किसानों के पास पराली के प्रबंधन के पुख्ता साधन नहीं है, जिसके चलते किसानों को मजबूरी में पराली में आग लगानी पड़ती है। जिन किसानों के पास संसाधन है वो पूरी तरह से अवशेषों का निपटारा कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि छोटे किसानों के लिए पराली प्रबंधन के लिए संसाधन जुटाना बहुत मंहगा है। कहा कि इसके लिए सरकार बड़े स्तर पर संसाधन उपलब्ध करवाए तो किसान भी उसका सहयोग करेंगे और पराली का पूरा निपटान हो सकेगा।
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इस दौरान किसानों ने डीएपी खाद व गेहूं का बीज उपलब्ध करवाने की मांग भी तहसीलदार के समक्ष रखी। तहसीलदार मंजीत मलिक ने किसानों से कहा कि सरकार अपनी तरफ से अवशेषों के प्रबंधन के लिए सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की की मांग को सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि डीएपी व सरकारी बीज की समस्या को लेकर डीसी व कृषि अधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा। इस अवसर पर तेजेंद्र विर्क, चरणजीत सिंह, लाभ सिंह, मियां सिंह, मलकीत सिंह, लाडी, गुरनाम सिंह, मोमन राम भी मौजूद रहे।

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