पिछले पांच से जारी ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण जिले में करीब 22 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार उन्हें केवल मौखिक रूप से ही आश्वासन दे रही है, लेकिन लिखित में कोई आश्वासन नहीं दिया है।
हिट एंड रन कानून को लेकर जिले में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण पिछले पांच दिन से ट्रकों के पहिये नहीं घूमे हैं। मांगों को समर्थन में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी है। बता दें कि ट्रांसपोर्टर इस कानून को लागू न करने को लेकर लिखित में आश्वासन देने की सरकार से मांग कर रहे है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि मांगों को पूरा होने तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
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पिछले पांच से जारी ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण जिले में करीब 22 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार उन्हें केवल मौखिक रूप से ही आश्वासन दे रही है, लेकिन लिखित में कोई आश्वासन नहीं दिया है। हड़ताल को लेकर जानकारी देते हुए भाईचारा ट्रक यूनियन के प्रधान रामफल व प्रबंधक महावीर खटकड़ ने कहा कि सरकार की ओर से केवल मौखिक रूप से आश्वासन देने पर वे अपनी हड़ताल को समाप्त नहीं करेंगे।
अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए वे लगातार सरकार के खिलाफ आंदोलनरत रहेंगे। इस कानून को लागू न करने के निर्णय को सरकार उन्हें लिखित में आश्वासन दे। ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण जिले में एक हजार से अधिक ट्रकों के पहिये थमे हैं। जिले में ट्रांसपार्टरों ने हड़ताल को अगले तीन दिन के लिए और बढ़ा दिया है।