Protest against electricity corporation, demand for tube well connection
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जिलेभर के करीब दो दर्जन से अधिक किसानों ने पिहोवा चौक स्थित विद्युत सदन में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और इसके बाद ट्यूबवेल कनेक्शन देने की मांग को लेकर एससी को ज्ञापन सौंपा।
किसान दर्शन राठी दीवाल, लछमन सजुमा, सुभाष, कृष्ण नौच, गुरपाल, जरनैल नौच, व रघुबीर ने कहा कि पिछले कई वर्षों से उन्होंने ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए निगम में पैसे जमा करा रखे हैं, लेकिन उनको आज तक कनेक्शन नहीं मिला है। जब सरकार ने कनेक्शन देने ही है तो देरी क्यों हो रही है। उन्होंने कहा कि पहला नोटिस मार्च 2019 में हुआ, जिसके तहत 30 हजार रुपये बिजली निगम में भरने थे, लेकिन सरकार ने शर्त रखी के पहले ट्यूबवेल लगवाओ पाइप लाइन बिछवाओ तब कनेक्शन मिलेगा। एक ट्यूबवेल लगवाने पर 4 से 5 लाख खर्च, पाइप लाइन जिसका खर्च 12 और 13 हजार पर एकड़ और खेत में एक कमरा बनाने की भी शर्त रख दी। ये सब शर्तें भी किसानों ने जैसे तैसे पूरी की। इसके बाद विशेष कंपनी की मोटर लेने की शर्त रखी। जबकि इस कंपनी की मोटर कामयाब नहीं है, लेकिन फिर भी किसानों ने मोटर बुक करवा दी। इसके बावजूद भी कनेक्शन का देने का नाम नहीं है। उन्होंने कहा कि अगली फसल का टाइम आ चुका है, लेकिन सरकार मौन है। किसान ट्यूबवेल लगवा चुके हैं, दूसरे नोटिस के पैसे भी दे चुके हैं लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि अब एक और नया नोटिस निकाल दिया है। अब फव्वारा सिस्टम लगवाओ फिर कनेक्शन देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कैथल में वाटर लेवल इतना नीचे नहीं है कि धान का एरिया है यहां फव्वारा कामयाब नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब पाइप लाइन डलवा दी तो फव्वारा क्यों लगवाएं। उन्होंने कहा कि सरकार बार बार किसानों को मारने का प्रयास कर रही है। जिसको लेकर किसानों ने प्रदर्शन पर एससी को ज्ञापन सौंपा है।