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किराये की इमारतों में चल रहे पुलिस थाने व चौकियां

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कैथल। शांति व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिस महकमा के कई कार्यालय किराये के भवनों में चल रहे हैं। कहीं जर्जर इमारतों में कर्मचारी भय के साये में काम करने को मजबूर हैं, तो कहीं बरसात के दिनों में चौकियों और थानों की छतों से पानी रिस रहा है। इस समस्या का मुख्य कारण खुद के थाने और चौकियों के लिए भवन व जमीन उपलब्ध नहीं है। इससे मजबूरी में उन्हें किराये पर पंचायत या सरकारी जमीन पर डेरा जमाना पड़ रहा है। बता दें कि जिले में सुरक्षा के लिए नौ जगह पर पुलिस चौकियां स्थापित की हुई हैं, लेकिन इनमें से आठ जगह पुलिस चौकी किराये के भवनों में चल रही हैं। वहीं किठाना पुलिस चौकी की नई इमारत बनाकर वहां शिफ्ट कर दिया गया है। पुलिस थानों की बात करें तो 13 थाने हैं, जिनमें से सिटी, ढांड, तितरम, सीवन और ट्रैफिक थाना जर्जर भवनों में चल रहे हैं। जर्जर हालत में चल रहे थाने व चौकियों की दीवारों में कई जगह पर चारों ओर दरारें भी हैं। इन भवन में बरसात में पानी भर जाता है। जिससे कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मियों सहित स्टाफ के सदस्यों को आने-जाने में भी दिक्कत होती है। साथ ही रात में कीड़े मकोड़ों का डर भी बना रहता है। बारिश होने के दौरान कई चौकियों और थाने में तो अंदर पानी टपकता है। क्योंकि इन भवन की छत भी जर्जर हो गई है। जिसका सरिया भी दिखाई दे रहा है।
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ये है पुलिस चौकियों व थानों की स्थिति-बता दें कि जिले की भागल, हरनौली, महमदपूर, रामथली, संगतपुरा चौकी पंचायत से किराये की इमारत में बनी हुई हैं। इसके साथ ही क्योड़क की पुलिस चौकी बिजली निगम के कार्यालय में है। वहीं कैथल की अनाज मंडी चौकी को नजदीक के सामुदायिक केंद्र में है। इसके साथ ही पूंडरी की पुलिस चौकी खेल स्टेडियम की इमारत में है। पुलिस थानों की बात करें तो तितरम थाना पंचायत की जमीन पर चल रहा है। इसके अलावा यातायात थाना महिला थाना के नजदीक जर्जर भवन में चल रहा है। यहां पर बारिश का पानी भर जाता है। ढांड थाना के लिए इमारत लगभग बनकर तैयार हो गई है। जबकि यातायात पुलिस थाने के लिए अभी टेंडर की प्रक्रिया जारी है। सिविल थाने के लिए प्रपोजल बनाकर भेज दिया गया है। सदर, सिविल, राजौंद, कलायत व महिला थाना की इमारतें नई बनी हुई हैं।
डीएसपी कुलवंत सिंह ने बताया कि नए चौकियों व थानों के लिए प्रपोजल बनाकर भेजे जा रहे है। ढांड का थाना बनकर लगभग तैयार हो चुका है। कई नई चौकियों की इमारत जल्द बनेगी। समय-समय पर जर्जर भवनों की मरम्मत की जा रही है।
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