कैथल। पिछले कुछ वर्षों में जिले के थानों की हालत में कुछ सुधार हुआ है। नए पुलिसकर्मी भी मिले हैं और संसाधन भी बढ़े हैं लेकिन थानों में पुलिसकर्मियों की संख्या पूरी नहीं हो पाई। ज्यादातर थाने अब भी पुलिसकर्मियों की कमी से जूझ रहे हैं। विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कर्मचारियों के 1225 पदों में से 204 पद खाली हैं। इस कारण कई बार कानून व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिस को परेशानी का सामना करना पड़ जाता है। बता दें कि जिले में सबसे अधिक कमी सिपाहियों की है। इसमें 149 पद रिक्त पड़े हैं।
वहीं इंस्पेक्टर के स्तर पर कर्मचारियों की कमी के कारण सब इंस्पेक्टरों को कई थानों का जिम्मेदारी सौंपी गई है। इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर स्तर के कर्मियों में से भी कहीं वीआईपी ड्यूटी तो कहीं न्यायालय के केस में व्यस्त रहते हैं। अधिकर पुलिस वीआईपी ड्यूटी, न्यायालय केस और अन्य मामलों की जांच से संबंधित कार्यों में व्यस्त रहते हैं। फरियादी थानों के चक्कर लगाने को मजबूर हो जाते हैं। कर्मचारियों की कमी का गश्त पर भी असर पड़ता है। इसका फायदा आपराधिक लोग उठा रहे हैं।