गांव खरौदी में गंदे पानी की निकासी बुरी तरह से ठप है। निकासी न होने से गांव की गलियों का गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। खरौदी गांव से होकर गुजरने वाली चीका भूना सड़क का भी यही हाल है। सड़क का लगभग 200 गज का हिस्सा पूरी एक नहर का रूप ले चुका है।
ग्रामीणों के साथ-साथ गांव भूना, खरकड़ा, सैर, भूना प्लाट नंबर तीन व प्लाट नंबर दो से चीका की तरफ आने जाने वाले लोगों को इसी सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। बाइक सवार कई बार सड़क पर जमा इस गंदे पानी में गिरकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद सुध नहीं ली जा रही है। इस मार्ग से पैदल गुजरने वाले लोगों का और भी बुरा हाल है।
ग्रामीण बलबीर सिंह, हरजीत सिंह, मकड़ सिंह, कर्म सिंह, अनिल, बेदी राम ने बताया कि सड़क पर भरे गंदे पानी के चलते राहगीरों का यहां से गुजरना दूभर हो रहा है।
गांव खरौदी में कार्यरत आशा सुपरवाइजर चरणजीत कौर, रेखा रानी, सीमा, सुमन व कमलेश ने बताया कि ग्रामीणों को कोविड का इंजेक्शन लगाने, आयुष्मान कार्ड बनाने, छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं की देखभाल के लिए उन्हें गांव में अक्सर घर-घर जाना होता है। ऐसे में उन्हें घरों तक पहुंचने के लिए गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
बीडीपीओ चीका नरेंद्र सिंह का कहना है कि गांव खरौदी में गंदे पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन दबाई जाएगी। इसके लिए जेई को एस्टीमेट बनाने के लिए कहा गया है। सड़क के साथ-साथ पाइप लाइन दबाने में किसी प्रकार की दिक्कत रुकावट न आए, इसके लिए निशानदेही करने के लिए तहसीलदार को भी लिखा गया है।