कैथल। अब नगर परिषद की ओर से शहर में काम होगा भी और दिखेगा भी। जो सीटें खाली थीं, उन पर अधिकारियों की नियुक्ति हो गई है। अब काम में किसी तरह की लापरवाही सहन नहीं होगी। शहर में सबसे प्रमुख एजेंडे में सफाई, स्ट्रीट लाइटें, सड़कों के गड्ढे और संपत्ति कर शाखा की कार्यप्रणाली में सुधार शामिल है।
‘अमर उजाला’ के संवाद में कुलदीप मलिक ने नगर परिषद की कई शाखाओं में खामियां स्वीकार कीं और उनमें सुधार का संकल्प दोहराया।
कैथल में कार्य के अनुभव के बारे में उन्होंने कहा कि वे कैथल में पहले भी कार्यकारी ईओ रह चुके हैं। सफाई व्यवस्था में कैथल शहर की स्थिति खराब है। इसके लिए रात्रि सफाई, इसके बाद डोर टू डोर के कार्य के टेंडर को रद्द करने जैसे कई कारण रहे। अब रात की सफाई का टेंडर लगा दिया गया है। जल्द ही डोर टू डोर का टेंडर भी लगाया जाएगा। एनजीटी की गाइडलाइंस का पालन करते हुए शहर में कचरे की समस्या को खत्म किया जाएगा। पहले से जिस एजेंसी को कचरे को खत्म करने का टेंडर दिया गया है, जब तक वह प्लास्टिक के निस्तारण का प्रमाण पत्र लेकर नहीं आएगी, तब तक उसका भुगतान नहीं किया जाएगा।
शहर में बदहाल स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि शहर की लाइटें ठीक करवाई जा रही हैं। शहर में इस समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। शहर की सड़कों में गड्ढों के संबंध में उन्होंने कहा कि यह काम जारी है। आगे के लिए भी 50 लाख रुपये का टेंडर लगा दिया गया है। शहर में 55 करोड़ से अधिक के लंबित सिटी स्क्वेयर प्रोजेक्ट के सवाल पर उन्होंने कहा कि विजिलेंस और विभाग मुख्यालय को पत्र लिखकर पता करवाया जाएगा कि काम शुरू करने में कोई तकनीकी दिक्कत तो नहीं। यदि ऐसा नहीं होगा तो इस प्रोजेक्ट का काम भी शुरू करवाया जाएगा।
शहर में बदहाल सार्वजनिक शौचालयों के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिस एजेंसी को इसका टेंडर दिया गया है, उससे स्पष्टीकरण लिया जाएगा। संपत्ति कर शाखा में व्यावसायिक व रिहायशी संपत्ति के फेर में उलझे लोगों की समस्या के संबंध में कहा कि इसके लिए टीम बनाई जाएगी। जो जायज समस्याओं का समाधान करेगी। काम में गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के सवाल पर उन्होंने कहा कि भुगतान करने से पहले वे उस काम पर जाकर उसकी जांच करते हैं। इसके बाद ही भुगतान किया जाता है। इसीलिए ठेकेदारों से अपील है कि वे अपने काम को गुणवत्तापूर्वक करें। ताकि भुगतान में परेशानी न आए।
शहर में भवनों के नक्शों के सवाल पर उन्होंने कहा कि शहर में जहां भी परिषद की बिना अनुमति व नक्शा पास करवाए हुए निर्माण कार्य पाया जाता है, उसे सील कर दिया जाएगा। इस शाखा के कर्मचारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
शहर में नगर परिषद की जमीन की देखभाल को लेकर उन्होंने कहा कि एक भी ईंच जमीन पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। उन्हें जहां से भी ऐसी सूचना मिलती है, वे स्वयं जाकर उसे रुकवाते हैं।
डीसी प्रदीप दहिया व विधायक लीला राम के मार्गदर्शन में कैथल शहर में अब विकास कार्य तेजी पकड़ेंगे। आमजन, कर्मचारी वर्ग सहित सभी से अपील है कि वे शहर को स्वच्छ बनाने में सहयोग करें।
नगर परिषद में बजट की उपलब्धता पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा भेजी गई दस करोड़ रुपये की ग्रांट से जल्द ही करोड़ों रुपये के टेंडर लगाए जाएंगे।