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Kaithal: जिला परिषद चेयरमैन दीप मलिक जाखौली के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित, 17 पार्षद आए विरोध में

Mon, 14 Oct 2024 11:49 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)

सार

जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ हुई अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग का परिणाम जारी हो गया है। अब दीपक मलिक उर्फ दीप जाखौली अध्यक्ष नहीं रहे। 20 में से 17 पार्षदों ने प्रस्ताव के लिए वोटिंग की थी। सभी वोट अध्यक्ष के खिलाफ पड़े थे। दीपक मलिक उर्फ दीप जाखौली विधानसभा चुनाव के दौरान ही कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे। अध्यक्ष के खिलाफ गत जुलाई में वोटिंग हुई थी।
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दीप मलिक जाखौली - फोटो : फाइल
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विस्तार
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कैथल में जिला परिषद कैथल अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए की गई वोटिंग का सोमवार को परिणाम जारी किया गया। परिणाम के तहत अब दीपक मलिक उर्फ दीप जाखौली के हाथ से जिला परिषद की अध्यक्ष की कुर्सी छिटक गई है। अब जल्द ही नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा।
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बता दें कि 20 में से 17 पार्षदों ने प्रस्ताव के लिए वोटिंग की थी। परिणाम में सामने आया कि सभी वोट चेयरमैन के खिलाफ पड़े हैं। गौरतलब है कि दीपक मलिक उर्फ दीप जाखौली विधानसभा चुनाव के दौरान ही कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे। अध्यक्ष के खिलाफ इन 17 पार्षदों ने 27 जुलाई को वोटिंग की थी। परंतु मौके पर ही पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में अध्यक्ष की ओर से याचिका डालने पर हाईकोर्ट ने परिणाम पर रोक लगा दी थी।

वहीं, इस दौरान केवल पार्षदों ने वोटिंग ही की थी। इसके बाद विधानसभा चुनाव के बीच में हाईकोर्ट ने परिणाम घोषित करने का निर्णय सुनाया था, लेकिन आचार संहिता लगने के कारण प्रशासन ने इसे रोक लिया था, जो आज जिला सभागार में घोषित किया गया। 
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लोकसभा चुनावों के बाद से जजपा समर्थित अध्यक्ष के खिलाफ शुरू हुई लोबिंग
लोकसभा चुनावों के बाद से जजपा समर्थित अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उसे हटाने की रणनीति रची गई। जिसके चलते 12 जुलाई को भाजपा समर्थित 15 पार्षदों ने डीसी को अविश्वास का शपथ पत्र दिया। अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया तो मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव के लिए होने वाली वोटिंग पर रोक लगाने से इंकार कर दिया, परंतु चुनाव परिणाम घोषित करने के लिए उसके फैसले का इंतजार करने को कहा। कोर्ट ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार से इसका जवाब मांगा था। जिला प्रशासन ने अब इस मामले में अपना जवाब पेश किया गया है, जिसमें अविश्वास को संवैधानिक व नियमों के मुताबिक बताया है।

इन पार्षदों ने की थी अविश्वास को लेकर वोटिंग
  • वार्ड नंबर 1 संजीव ठाकुर
  • वार्ड नंबर 3 से रुमिला ढुल
  • वार्ड नंबर 4 से दिलबाग
  • वार्ड नंबर 5 से कमलेश रानी
  • वार्ड नंबर 6 से अमरजीत
  • वार्ड नंबर 7 से कमलेश रानी
  • वार्ड नंबर 8 से ममता रानी
  • वार्ड नंबर 9 से देवेंद्र शर्मा
  • वार्ड नंबर 10 से सोनिया रानी
  • वार्ड नंबर 13 से कर्मवीर कौल
  • वार्ड नंबर 14 से पिंकी रानी
  • वार्ड नंबर 15 से मनीष शर्मा फरल 
  • वार्ड नंबर 16 रितु कुमारी
  • वार्ड नंबर 18 से मैनेजर कश्यप
  • वार्ड नंबर 19 से बलजीत कौर
  • वार्ड नंबर 20 से सुरजीत कौर
  • वार्ड नंबर 21 से बलवान सिंह

भाजपा समर्थित जिला परिषद के उपाध्यक्ष कर्मबीर कौल ने बताया कि 17 पार्षदों ने वोटिंग की थी। इसमें 12 से 13 पार्षद भाजपा समर्थित पार्षद शामिल रहे हैं। जबकि अन्य चार से पांच पार्षद अन्य पार्टियों और निर्दलीय रहे हैं। उपाध्यक्ष ने बताया कि जिला प्रशासन अब चुनाव आयोग से पत्राचार कर जल्द ही नए अध्यक्ष के चुनाव की तिथि की घोषणा कर देगा। इसके बाद नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा।
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