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एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से दूसरे दिन भी मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानियां

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नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई मरीजों एंबुलेंस सेवा नहीं मिल पाई। कई गर्भवती महिलाओं को बिना टीके लगाए ही वापस जाना पड़ा।
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हड़ताल के कारण 27 में केवल पांच एंबुलेंस ही इमरजेंसी सेवाओं के लिए चलाई गई। इससे मरीजों को कोई खास राहत नहीं मिल पाई। हड़ताल के चलते टीकाकरण का कार्य भी प्रभावित हुआ। एंबुलेंस न चलने की स्थिति में अधिकतर मरीजों के परिजन अपने वाहन या निजी वाहनों के माध्यम से मरीजों को लेने के लिए पहुंचे। हड़ताल के दूसरे दिन भी करीब 40 लैब तकनीशियन भी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे।
जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचे सीवन गेट निवासी रमन ने बताया कि उनके दादा रामलाल के पैर का ऑपरेशन हुआ था। इस ऑपरेशन के बाद उन्हें छुट्टी मिली थी। हड़ताल के कारण एंबुलेंस न चलने की स्थिति में उन्हें एक ई-रिक्शा में लेकर जाना पड़ा।
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गांव सिरटा निवासी रामबतेरी ने बताया कि उसकी पुत्रवधू रीना गर्भवती है। मंगलवार को उसे टीका लगवाने के लिए पहुंची थी। परंतु एनएचएम कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने के चलते उसे टीका नहीं लग पाया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दूसरे दिन जिले में एनएचएम के तहत नियुक्त 468 कर्मियों में से 421 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जबकि पहले दिन केवल 361 कर्मचारियों ने ही हड़ताल में हिस्सा लिया था।
अपनी मांगों के लिए हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारियों ने दूसरे दिन नागरिक अस्पताल में धरना देकर नारेबाजी की। उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया। अध्यक्षता एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला प्रधान हरदीप सहारण ने की।
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