कैथल। मानसून करीब है, लेकिन शहर में बंद पड़े नालों की साफ-सफाई के इंतजाम दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे हैं। हर वर्ष बारिश से पहले चलाया जाने वाला विशेष अभियान भी इस साल अब तक नजर नहीं आया। ऐसे में बरसात के दौरान इस बार शहरवासियों की परेशानी बढ़ सकती है।
शहर के विभिन्न इलाकों में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या आम हो चुकी है। आबादी के साथ ही बाजारों में भी जलभराव से हर साल लोगों को दो-चार होना पड़ता है, लेकिन वर्षों बाद भी जिम्मेदारों की ओर से सुध नहीं ली गई है। हर साल बरसात के सीजन से पहले शहर के नालों और सीवरेज की सफाई कर इतिश्री कर ली जाती है, लेकिन जलनिकासी के ठोस इंतजाम नहीं किए जाते, जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ता है।
शहरवासी राजेंद्र, संजय, विजय, प्रदीप, संदीप सहित अन्य का कहना है कि अधिकतर नाले गंदगी से अटे पड़े हैं, जबकि मानसून करीब है। इस साल अभी तक नालों की साफ-सफाई भी नहीं की गई है। प्रशासन को चाहिए कि समय रहते नालों की साफ-सफाई कराए ताकि शहरवासियों को बरसात में होने वाली मुश्किलों से बचाया जा सके।
वहीं कांग्रेसी नेता एवं पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष एडवोकेट सुरेंद्र रांझा ने कहा कि यदि समय रहते नालों की सफाई नहीं की जाती तो बारिश के समय समस्या होना तय है। जून माह का पहला सप्ताह जा चुका है और मानसून की बारिश जल्द दस्तक दे सकती है। ऐसे में नालों की सफाई न होना इस बात का परिचायक है कि परिषद में प्रशासनिक अधिकारी एवं स्वयं परिषद के अध्यक्ष की ओर से इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिसका खामियाजा लोगों को बारिश में भुगतना पड़ेगा।
यहां बंद और टूटे पड़े हैं नाले-
अंबाला रोड पर आरकेएसडी कॉलेज के सामने और हिंदू स्कूल के निकट नाले टूटे तथा जाम पड़े हैं। करनाल रोड पर हनुमान वाटिका से लेकर आगे तक का नाला कई जगह से बंद पड़ा है। न्यू करनाल रोड पर नाले में गंदगी भरी हुई है। लोगों की शिकायतों के बावजूद इसकी सफाई नहीं हो पाई है।
क्या कहते हैं जिम्मदार-नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने कहा कि जल्द ही नालों की सफाई करवाई जाएगी, ताकि लोगों को परेशानी न हो। वहीं ईओ कुलदीप मलिक का भी कहना है कि शहर में नालों की जल्द से जल्द सफाई शुरू करवाई जाएगी।