Mhara Harvindra lived up to the expectations, aiming for a simple medal in Tokyo Olympics, won bronze
- फोटो : Kaithal
उम्मीद के अनुसार टोक्यो में खेले जा रहे पैरा ओलंपिक खेलों में जिले के हरविंद्र सिंह ने इतिहास रच दिया है। हरविंद्र सिंह ने टोक्यो पैरा ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को एक और मेडल दिलाया है। उसने तीरंदाजी के पुरुष एकल रिकर्व इवेंट में कांस्य पदक अपने नाम किया है।
यह तीरंदाजी में भारत का पैरा ओलंपिक का अब तक का पहला पदक है। हरविंद्र ने कोरिया के किम मिन सू को हराकर टोक्यो पैरा ओलंपिक की पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया है। कांस्य पदक जीतने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने हरविंद्र सिंह को ट्वीट कर बधाई दी है।
बता दें कि 17 जून को सोनीपत में टोक्यो पैरा ओलंपिक में चयन को लेकर ट्रायल हुए थे। इससे पहले 25 जनवरी को सोनीपत में दुबई में होने वाले विश्व रैंकिंग के लिए ट्रायल हुए थे। इसके लिए आठ खिलाड़ियों का चयन हुआ था। इनमें हरविंद्र सिंह का भी शामिल थे। हरविंद्र के पदक लाने की सूचना मिलते ही उनके घर पर बधाई देने वालों को तांता लग गया। हरविंद्र के भाई बलविंद्र ने बताया कि उनको बहुत खुशी है। हरविंद्र सिंह ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और देश का नाम रोशन किया। हरविंद्र सिंह ने अपनी जीत का श्रेय कोच गौरव और जीवन ज्योति को श्रेय दिया है। परिवार में हरविंद्र सिंह के पिता परमजीत सिंह किसान हैं। माता हरमिंद्र कौर का देहांत हो चुका है। हरविंद्र का भाई हर्षदीप भी खेती करता है। हरविंद्र सिंह बचपन से ही पैर से दिव्यांग हैं। वह वर्ष 2011 से तीरंदाजी कर रहे हैं। पूरे परिवार में इस जीत से जश्न का माहौल है। उसके गांव अजीतनगर में स्थित घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।