जिला खेल विभाग की ओर से दस्तावेज तस्दीक नहीं कर पाने के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी इनाम की राशि से वंचित हैं। कागजी कार्रवाई पूरी नहीं होने से तीन साल पहले खेलो हरियाणा मुकाबले में जीतने वाले खिलाड़ियों को आज तक इनाम की राशि भुगतान नहीं की गई है। वहीं इस साल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के 118 खिलाड़ियों को इनाम राशि की सूची भी विभाग सत्यापन नहीं करवा पाया है। यही वजह है कि खिलाड़ियों को दिए जाने वाली 92 लाख रुपये की राशि अटकी हुई।
जिला खेल विभाग समय पर खिलाड़ियों के कागजात तस्दीक नहीं कर पा रहा है। तीन साल पहले खेलो हरियाणा मुकाबले में तो इनाम देने के लिए फर्जी नाम सूची में जोड़ते हुए डीसी को भेज दिए गए थे। जिन पर तत्कालीन डीसी ने तुरंत रोक लगाते हुए कमेटी का गठन कर सूची की समीक्षा करवाई थी। जिसमें से काफी संख्या में फर्जी नाम हटाए गए थे। इसके बावजूद पात्र खिलाड़ी आज तक इनामी राशि का इंतजार कर रहे हैं।
खिलाड़ी जीवन, बलदेव, मुनीम, अलीसा, हरसिमरनजीत कौर, सिमरनजीत कौर, ज्ञान सिंह, विश्वजीत, अजीता सहित अन्य ने कहा कि तीन साल पहले खेलो हरियाणा के मुकाबलों के खिलाड़ियों को नकद इनाम दिया जाना था, जो आज तक नहीं दिया गया। नेशनल व इंटरनेशनल लेवल पर पदक विजेताओं के करीब 92 लाख रुपये का भुगतान नहीं हो पा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने पर 50 हजार, रजत पदक पर 30 व कांस्य पदक पर 20 हजार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने पर 3 लाख, रजत पदक जीतने पर 2 लाख व कांस्य पदक जीतने पर एक लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
इस संबंध में जिला खेल अधिकारी सतविंद्र गिल ने बताया कि तीन साल पहले तत्कालीन खेल अधिकारी के माध्यम से भेजी गई सूची को तत्कालीन डीसी ने जांच के लिए रोक दिया था। जब तक सूची की जांच हुई, तब तक बजट जारी करने का समय निकल गया। अब सूची तैयार है। डीसी की अनुमति मिलने के बाद विभाग से बजट मांगा जाएगा, इसके बाद खेलो हरियाणा के खिलाड़ियों को इनाम दिया जाएगा। नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के खिलाड़ियों को मिलने वाली 92 लाख रुपये की सूची को डीसी ने संबंधित अधिकारी से हस्ताक्षर करवाने के लिए कहा है। अब यह फाइल फिर से डीसी को भेजी जाएगी। उम्मीद है कि इन खिलाड़ियों को भी जल्द ही इनाम राशि दी जाएगी।
खेल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार खेलो हरियाणा मुुकाबले में ऐसे खिलाड़ियों के नाम इनामी सूची में डाल दिए थे, जो खेले ही नहीं। ऐसे मुकाबले दिखा दिए गए थे, जो हुए ही नहीं। जिस कारण तत्कालीन डीसी ने यह सूची रोकी थी। इसकी जांच के बाद कई खिलाड़ियों के नाम हटाए गए थे।
डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि उनके पास करीब 92 लाख रुपये की राशि के लिए जो फाइल आई थी, उस पर संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। उन्होंने इसे संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर करवाकर पुट अप करने को कहा है। तीन साल पहले का इनाम यदि कोई लंबित है तो वह उनकी जानकारी में नहीं है। लंबित है तो उसे दिलवाया जाएगा।