कैथल शहर के माता गेट स्थित सूर्यकुंड डेरे में जिलेभर के संतों ने वीरवार को बैठक की। बैठक में जिलेभर के मठों और डेरों से संत समाज जुटा। बैठक में समाज में बढ़ रहीं बुराइयों को दूर करने की रणनीति बनाने पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान महंतों ने सामाजिक बुराइयों को दूर करने पर चर्चा की।
बैठक में यह कहा गय कि समाज में ऐसी धारण बन रही है कि कुछ महंत समाज व धर्म के लिए कार्य नहीं कर रहे हैं। ऐसे में यह निर्णय लिया गया कि अब जिलेभर के महंत सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे।
वहीं, समाज में फैली बुराइयों को दूर करने व महंतों को एकजुट करने के लिए एक संगठन बनाने का भी फैसला लिया गया। बैठक में कपिल स्थल संत महामंडल संगठन का गठन किया गया। इसमें माता गेट स्थित सूर्यकुंड डेरे के महंत रमन पुरी को अध्यक्ष बनाया गया जबकि धुंधरेहड़ी के महंत शंभू गिरी को उपाध्यक्ष, बनारसी दास को कोषाध्यक्ष, महंत सुनील दास को संगठन मंत्री, महंत ईश्वर दास को महासचिव, सत्य चेतन पुरी व महंत रामसेवक दास को सचिव नियुक्त किया गया।
संरक्षण मंडल में महंत रूद्रपुरी, महंत निरंजन पुरी, महंत रामचंद्र गिरि, महंत तोता गिरि, महंत शिवपुरी, बिशनपुरी को शामिल किया गया। बैठक के दौरान अध्यक्ष बनाए गए महंत रमन पुरी ने बताया कि कैथल जिले का काफी पौराणिक महत्व है। यह ऋषियों की तपो भूमि है।
इसलिए यहां पर धर्म और समाज के लिए महंतों का एकजुट होना बेहद जरूरी है, क्योंकि पिछले करीब 35 से 40 साल से महंतों का कोई संगठन नहीं है। यह संगठन किसी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज के फैली बुराइयों को दूर करने और धर्म के लिए कार्य करने वाले और अन्य लोगों में प्रेम बनाए रखने के लिए बनाया है।