मुख्यमंत्री की ओर से घोषित गांव सांपनखेड़ी में बनने वाले मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य क्षेत्र के 23 विभाग शामिल होंगे। इन सभी विभागों में अलग-अलग चिकित्सक सेवाएं देंगे। कॉलेज के लिए विभाग तय हो चुके हैं। साथ ही इसके निर्माण के लिए एजेंसी की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।
ब्रिजिज एंड रुफ कारपोरेशन ऑफ इंडिया को यह काम दिया गया है। इसके लिए अब डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके बाद अनुमानित लागत रिपोर्ट तैयार होगी। करीब तीन से चार माह में अधिकारी कॉलेज निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना जता रहे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अक्तूबर 2020 में कैथल में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद मेडिकल एजूकेशन एवं रिसर्च विभाग ने जमीन की तलाश की। जिसमें राज्यमंत्री कमेलश ढांडा ने भी अपने हल्के के गांवों की जमीन देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन विधायक लीला राम ने गांव सांपनखेड़ी की जमीन दिलवाते हुए प्रोजेक्ट को कैथल हल्के में पूरा करने पर सहमति करवा ली थी। विधायक इसके बाद मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर मंगलवार को तीसरी बार मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिले। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्य में तेजी के निर्देश दिए। यदि यह काम शुरू हो जाता है तो विधायक लीला राम की यह क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
अमर उजाला से बातचीत में मेडिकल एजूकेशन एंड रिसर्च विभाग के डायरेक्टर एवं विशेष सचिव डॉ. शालीन ने बताया कि गांव सांपन खेड़ी के 21 एकड़ में बनने वाले मेडिकल कॉलेज निर्मार्ण कार्य के लिए ब्रिजिज एंड रुफ कारपोरेशन ऑफ इंडिया को चुना गया है। अब एजेंसी द्वारा विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिसमें भवन का संभावित नक्शा, भवन में स्वास्थ्य संबंधी विभागों के कक्ष, इमरजेंसी से लेकर अन्य आवश्यक कक्षों के अलावा पार्किंग, पेयजल, बिजली के लिए अनुमानित लोड की सुविधा, पानी की निकासी के लिए एसटीपी सहित अन्य सभी प्रकार के प्रावधानों पर विचार करते हुए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जा रही है। इसके बाद एस्टीमेट तैयार होंगे। करीब तीन से चार माह में मेडिकल कॉलेज के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई कर ली जाएगी। उम्मीद है कि तीन से चार माह में इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसमें स्त्री रोग विभाग, बाल रोग विभाग, दंत चिकित्सा विभाग, हड्डी रोग विभाग, त्वचा रोग विभाग सहित करीब 23 विभाग फिल्हाल फाइनल किए गए हैं। जो कॉलेज शुरू होने के साथ शुरू होंगे। कॉलेज भवन अत्याधुनिक तकनीक पर डिजाइन किया जाएगा। ताकि यह लंबे समय
तक लोगों की सेवा के लिए उपयोगी बना रह सके।
विधायक लीला राम ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिले में मेडिकल कॉलेज बन जाने से लोगों को जहां अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। वहीं उन्हें दूसरे जिलों में आने-जाने पर समय व धन खर्च नहीं करना पड़ेगा। यह कॉलेज कैथल के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कैथल, कलायत, गुहला-चीका, पूंडरी सहित प्रदेश के कई जिलों में लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। वे इसके निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिले। इसके बाद संबंधित अधिकारियों से मुलाकात की। उम्मीद है कि गांव सांपनखेड़ी में जल्द ही कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।