कोरोना की तीसरी लहर के बीच संक्रमित पाए जा रहे ज्यादातर व्यक्ति एक सप्ताह में ही ठीक हो रहे हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की भी आवश्यकता नहीं पड़ रही है। होम आइसोलेशन में बुखार उतरने के बाद संक्रमित मिले व्यक्ति की फिर से जांच की जरूरत भी नहीं पड़ रही।
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति को अगर दिए गए समय के अंतिम दिनों में बुखार या अन्य लक्षण न हों तो वह ठीक माना जा रहा है। उच्चाधिकारियों और सरकार के निर्देशानुसार अब ऐसे व्यक्ति की दोबारा जांच नहीं की जा रही है। वे व्यक्ति आइसोलेशन से बाहर कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करते हुए अपने कार्य कर सकते हैं।
गौरतलब है कि जिले में इस समय 1000 के करीब सक्रिय केस हैं। इनमें से केवल 5 प्रतिशत मरीजों को ही अस्पतालों में दाखिल किया गया है। शेष को घरों में ही आइसोलेट किया जा रहा है। घरों पर ही मरीजों को दवाइयां व अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार टीकाकरण के कारण महामारी का प्रकोप पहले की अपेक्षा काफी कम है।
बुखार होने की स्थिति में तीन दिन तक बढ़ाया जा रहा समय
अगर आइसोलेशन का समय समाप्त होने के अंतिम तीन दिनों में किसी मरीज को बुखार हो तो उसके लिए फिर से तीन दिन और आइसोलेट रहने का प्रावधान है। अगर बुखार नहीं हुआ तो मरीज को स्वस्थ माना जा रहा है। ऐसे में मरीज को केवल मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी सहित अन्य प्रकार की सावधानी बरतने की नसीहत दी जा रही है।