कैथल। सीएम साहब के आदेश हैं कि अवैध कालोनियां नी पनपनी चाहिएं...। सारे हरियाणा का नाश कर दिया थामने..हटाया है कब्जा..कहां हटाया नीं हटाना है..। नहीं तो थारे दोन्यां के खिलाफ कार्रवाई करुंगा। ये सख्त निर्देश हरियाणा के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में एचएसवीपी के कार्यकारी अधिकारी व जेई को फटकार लगाते हुए जारी किए।
दरअसल सेक्टर 21 निवासी नरेंद्र कुमार ने शिकायत की थी कि सेक्टर परिसर में सूअर बाड़ा, पशुपालन करने, पानी के अवैध कनेक्शन, चहारदीवारी निकलवाने, खुले में शौच बंद करवाने, बिजली चोरी रोकने, पशु-पक्षी रखने पर रोक लगवाने की मांग की थी। जिसकी एचएसवीपी के अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। इस पर विभाग के संपदा अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए कि संबंधित अवैध कब्जों के मामलों में कोर्ट से स्टे है या नहीं। काफी देर तक जब स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो मंत्री ने फटकार लगाते हुए अगली बैठक तक अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश दिए।
लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित बैठक में परिवहन मंत्री ने 16 में से 8 शिकायतों का निपटान किया। शेष आठ शिकायतों को लंबित रखते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
पुरानी शिकायतों में से निसिंग निवासी ईश्वर दयाल की जायदाद से संबंधित शिकायत का निपटान कर दिया गया। दूसरी शिकायत में गांव मूदंड़ी निवासी रणधीर सिंह की शिकायत थी कि उसके साथ कुछ लोगों ने मारपीट की है। इस मामले में भी कार्रवाई का निर्देश दे निपटा दिया गया।
तीसरी शिकायत में गुहणा निवासी कुलदीप ने कहा कि झगड़े में उसके पिता की मौत हो गई थी। इस मामले में सात में से केवल दो गिरफ्तार हैं। पुलिस ने जवाब दिया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पांच को जमानत मिली हुई है। यह मामला निपटा दिया गया। अगली शिकायत में रत्ताखेड़ा घड़ाम निवासी जोगिंद्र सिंह ने शिकायत दी कि कुछ लोगों ने सरकारी पुलिया को बंद कर दिया है। इसे पीडब्ल्यूडी विभाग ने खुलवाकर मामले को खत्म करवा दिया। अगली शिकायत गांव सेगा से रघुबीर, महेंद्र, सतपाल, बलजीत, रामकिशन ने मनरेगा में धांधली की शिकायत दी। जिस पर सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश ने मामले के निपटान की जानकारी दी।
शिकायतकर्ता के न पहुंचने पर परिवहन मंत्री ने दूरभाष के माध्यम से उनसे बात की और शिकायतकर्ता ने कहा कि वह की गई कार्रवाई से संतुष्ट है और मामले को मौके पर निपटा दिया गया। मनरेगा से ही एक अन्य मामले की शिकायत में धेरडू निवासी शमशेर सिंह ने कहा कि मनरेगा में मैंने काम नहीं किया है, फिर भी मेरे खाते में पैसे आए और मेट ने इसी प्रकार कई लोगों के नाम गलत दर्ज कर रखें हैं और बिना मजदूरी किए लोगों के खाते में पैसे डालने का काम करता है। विभागीय अधिकारियों के जवाब के बाद मामले को निपटा दिया गया। कलायत निवासी कर्मबीर की इंतकाल संबंधी शिकायत को भी निपटा दिया गया। वहीं बैठक में दूब्बल निवासी मांगे राम शर्मा ने रूढ़ियों की निशानदेही के संबंध में शिकायत दर्ज की थी। इस मामले में एसडीएम कलायत के अवकाश पर होने के कारण मामले को लंबित रखा गया। बड़सीकरी निवासी नरेश ने कलायत के एक अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने के कारण उसके लड़के की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग की। परिवहन मंत्री ने सिविल सर्जन व पुलिस विभाग रिपोर्ट लेकर कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
फूट-फूटकर रो पड़ी महिला
वहीं डोगरा गेट निवासी एक महिला ने कुछ लोगों पर उसके बेटे को जबरन उठाकर उससे समझौते पर हस्ताक्षर करवाने का आरोप लगाया। पुलिस ने जवाब दिया कि महिला खुद राजीनामा दे चुकी है। महिला कार्रवाई न होने से फूट-फूट कर रोने लगी। जिस पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले में कार्रवाई की जाए।
स्कूल संचालक गांव भूलन निवासी जयपाल नैन की मौत के मामले में गांव भूलन जिला संगरूर निवासी फूल सिंह की कार्रवाई की मांग पर मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश जारी किए। इस मामले को लंबित रख लिया गया। बैठक में गुहला निवासी सुभाष, रोहित ने शिकायत दी कि पीर की दरगाह व जमीन से कब्जा छुड़वाया जाए। इस पर परिवहन मंत्री ने वक्फ बोर्ड के संपदा अधिकारी को निर्देश दिए कि मामले में उचित कार्रवाई करके अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। गुहला निवासी विजेंद्र ने शिकायत दर्ज करवाई कि कुछ डिपू धारक नकली राशन कार्ड बनाकर राशन घोटाला करने का काम करते हैं। इस मामले पर परिवहन मंत्री ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि मामले की तह तक जाकर जांच की जाए और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
बैठक में हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन व पूंडरी विधायक रणधीर सिंह गोलन, विधायक लीला राम, डीसी प्रदीप दहिया, एसपी मकसूद अहमद, बीजेपी जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर, एसडीएम राकेश संधु, सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, सीटीएम गुलजार अहमद, डीएमसी कुलधीर सिंह, आरटीए गिरिश कुमार, मनीष कठवाड़, राजपाल तंवर, आदित्य भारद्वाज, हरपाल शर्मा क्योडक़, एडवोकेट शक्ति सौदा के अलावा अन्य उच्चाधिकारी मौजूद रहे।