If Corona increased, the number of passengers in roadways buses decreased, daily loss of two lakhs
- फोटो : Kaithal
कैथल। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच लोग अब फिर दोबारा से रोडवेज बसों में सफर से परहेज करने लगे हैं। रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या कम हो गई है। कैथल डिपो को पिछले सप्ताह से हर रोज करीब दो लाख रुपये का घाटा हो रहा है। पहले की अपेक्षा रोडवेज बसों का संचालन भी प्रभावित होना शुरू हो गया है। इसका असर डिपो की आमदनी पर देखने को मिल रहा है।
बता दें कि कैथल डिपो से एक सप्ताह पहले तक प्रतिदिन लगभग 10 से 12 हजार यात्री सफर कर रहे थे, अब यह संख्या घटकर लगभग 8 से 9 हजार के करीब पहुंच गई है। कोरोना के बढ़ते मामलों में प्रदेश में रात्रि कर्फ्यू भी लागू है। इस कारण लोग घरों से भी कम निकल रहे हैं। रोडवेज अधिकारियों की माने तो उन्हें कोरोना के बढ़ते केसों के कारण यात्रियों का अभाव शुरू हो गया है। इससे आमदनी घटी है।
109 बसें है डिपो में
रोडवेज कैथल डिपो में वर्तमान में 109 बसें हैं। इनमें से वर्तमान में 86 रोडवेज व 23 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत लोकल से लेकर लंबे रूट पर चलती हैं। पिछले चार महीनों से रोडवेज की आमदनी में सुधार हुआ था। 10 लाख रुपये तक रोजाना कमाई हो रही थी। प्रदेश में 17वें नंबर से डिपो आठवें नंबर पर भी पहुंचा था और डिपो को आमदनी में सुधार की काफी उम्मीद थी, लेकिन इससे पहले कोरोना का ग्राफ बढ़ने से उसकी उम्मीदों को झटका लगा दिया है। विभाग की आमदनी पर असर पड़ा है। यात्रियों की संख्या कम हुई है। पिछले महीने 10 लाख के करीब रोजाना आमदनी हुई थी, लेकिन अब यह आठ लाख रुपये हो गई है।
कोरोना के बढ़ते मामलों से रोडवेज की आमदनी कम हुई है। पहले 10 लाख रुपये आमदनी थी, जो अब घटकर करीब 8 लाख हो गई है। बसों में मास्क के बिना यात्रियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
-रोहताश जांगड़ा, बस अड्डा प्रबंधक कैथल