आरकेएसडी कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस एवं 43वीं अधिवेशन के अंतिम दिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करवाने संबंधी सरकारी रोडमेप पेश हुआ।
हरियाणा कॉलेज टीचर एसोसिएशन एवं महर्षि वाल्मीकि विश्वविद्यालय व आरकेएसडी कॉजेज के सहयोग से हो रहे इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण, आईएएस मुख्य सचिव, उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा व गेस्ट ऑफ ऑनर प्रो. सुरेंद्र कुमार, पूर्व डीन अकेडमिक फेयर, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक ने भाग लिया। प्रबंधन समिति के प्रधान साकेत मंगल एडवोकेट, कोषाध्यक्ष श्याम बंसल, प्राचार्य डा संजय गोयल, हरियाणा टीचर एसोसिएशन के प्रधान दयानंद मलिक, कांफ्रेंस के संयोजक राजबीर पराशर ने अतिथियों का स्वागत किया।
अधिवेशन का शुभारंभ प्राचार्य डा. संजय गोयल के स्वागत प्रस्ताव से हुआ। उनके बाद दयानंद मलिक ने हरियाणा टीचर एसोसिएशन के लक्ष्यों एवं योगदान की चर्चा की। प्रो श्रीओम ने तीन दिवसीय कांफ्रेंस में प्राप्त शोधपत्रों एवं डेलिब्रेेशन की चर्चा की। प्रिंसिपल सचिव आनंद मोहन शरण ने आरकेएसडी कॉलेज के संस्थागत विकास की सराहना की एवं इसको राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बताया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में एडेड कालेजों के योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत प्रयासों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति का निर्माण हुआ है, तथा इसे 2030 तक इसे पूर्णत: लागू करने की योजना है। हरियाणा सरकार इसे 2025 तक लागू कर देगी। सीएम मनोहर लाल स्वयं इस पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने इस नीति को लागू करने का रोडमैप भी जारी किया। इसके साथ-साथ अच्छे सुझावों पर विचार किया जाएगा। प्रधान साकेत मंगल एडवोकेट ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया एवं अध्यक्षीय भाषण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने एवं हर तरह के सहयोग का आश्वासन दिया।
नरेंद्र चाहर ने धन्यवाद प्रस्ताव पढ़ा। मंच संचालन डा. सुरूची शर्मा, प्रो. पूजा गुप्ता एवं प्रो रचना सरदाना ने किया। फेसबुक एवं यू ट्यूब पर प्रसारण का संचालन डा. गगन मित्तल, डा. विकास भारद्वाज, डा. मतीश गर्ग, डा. राजीव शर्मा, कमल शर्मा एवं जयदेव ने किया। दोपहर के सत्र में महासचिव डा चांद सिंह ने पिछले तीन साल की रिपोर्ट पेश की।