कैथल डिपो के बेड़े में इस समय 190 बसें हैं। इसमें पांच मिनी और 23 बसें किलोमीटर स्कीम की हैं। यह सभी बसें इस समय रूटों पर दौड़ाई जा रही हैं। जबकि वर्ष 2022 की दिसंबर तक कैथल डिपो में बसों क संख्याघ्टकर महज 100 ही रह गई थी।
हरियाणा सरकार ने रोडवेज के बेड़े में 500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत अब कैथल डिपो में भी 50 इलेक्ट्रिक बसें आएंगी। इन बसों की मांग को लेकर रोडवेज महाप्रबंधक ने मुख्यालय में लिखित में अपने स्तर पर डिमांड भी भेज दी है। बता दें कि इन बसों के डिपो के शामिल होने के बाद रोडवेज विभाग की इन बसों के शहर में स्थानीय स्तर पर ही विद्यार्थियों व अन्य लोगों की सुविधा के चलाने की योजना बनाई जाएगी।
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इस समय बेड़े में हैं 190 बसें
गौरतलब है कैथल डिपो के बेड़े में इस समय 190 बसें हैं। इसमें पांच मिनी और 23 बसें किलोमीटर स्कीम की हैं। यह सभी बसें इस समय रूटों पर दौड़ाई जा रही हैं। जबकि वर्ष 2022 की दिसंबर तक कैथल डिपो में बसों क संख्याघ्टकर महज 100 ही रह गई थी। वर्ष 2023 में करीब 90 बसें कैथल डिपो के बेड़े में शामिल हुई हैं, जो सभी टाटा कंपनी की बीएस छह तकनीक की हैं। डिपो में बसों की संख्या बढ़ने के बाद स्थानीय और लंबे रूटों पर काफी हद तक बसों की समस्या खत्म हुई है। यदि जल्द ही डिपो के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसें शामिल हुई तो शहरी क्षेत्र में भी विद्यार्थियों सहित शहर के अन्य यात्रियों को इसका लाभ मिल पाएगा।
अधिकारी के अनुसार
कैथल रोडवेज के महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि सरकार ने 500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें अलग-अलग शहरों में संचालित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत डिपो की तरफ से 50 बसों की डिमांड की गई है। अब कितनी बसों को डिपो में दिया जाएगा, इस पर मुख्यालय की तरफ से ही फैसला लिया जाएगा।