Goldie was made the head of the auto union for a month
- फोटो : Kaithal
नए बस स्टैंड पर ऑटो यूनियन के सदस्यों की एक बैठक हुई। इसमें यूनियन के चुनाव को लेकर बातचीत की गई। इसमें लगभग 400 ऑटो चालकों ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रधान पद के लिए छह उम्मीदवारों ने दावेदारी ठोकी। सभी उम्मीदवारों के समर्थक भी बैठक में मौजूद रहे। चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी समर्थकों ने अपने अपने प्रधान को मालाएं पहनाई और जोरदार नारेबाजी करने लगेे।
सभी उम्मीदवारों के अलग अलग गुट बन गए और चुनाव असफल रहा। इन गुटों के बीच लंबे समय तक चली बहस के बाद प्रधान पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई तो कुछ वरिष्ठ ऑटो चालकों के हस्तक्षेप के बाद बीच का रास्ता निकाला गया। इसमें ऑटो चालक गोल्डी को एक महीने के लिए प्रधान नियुक्त किया। एक महीने के बाद मतदान प्रक्रिया के बाद नए प्रधान का चुनाव किया जाएगा।
ऑटो यूनियन की बैठक की अध्यक्षता ऑटो रिक्शा चालक कल्याण समिति के प्रदेश चेयरमैन अशोक बूंदी अंबाला व ऑटो यूनियन के प्रदेश के प्रधान विजय दलाल जींद ने की। बैठक की शुरुआत में सबसे पहले यूनियन के सदस्यों ने आटो व ई-रिक्शा चालकों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई। इस चुनाव प्रक्रिया में छह उम्मीदवारों ने अपने प्रधान बनने की इच्छा जताई। परंतु अलग-अलग गुट होने के कारण किसी पर भी सहमति नहीं बन पाई।
लगातार दो घंटे तक सहमति न बनने की स्थिति में सभी छह गुटों को छोड़ चालक गोल्डी को एक माह का प्रधान नियुक्त किया गया। बता दें कि पहले भी ऑटो यूनियन के प्रधानी को लेकर चालकों में सहमति नहीं बन पाई थी। जिस कारण दो यूनियन हो गई थी। इस अवसर पर रमेश मल्होत्रा, रामदिया प्रजापत, लवली शर्मा, संजीव कुमार गंजा, संजय, अमित व नरेश क्योडक़ सहित सैकड़ों ऑटो चालक मौजूद रहे।