कैथल। नकल गिरोह पर प्रभावी अंकुश लगाने और प्रश्नपत्र लीक मामलों को रोकने के लिए सरकार की ओर से आईजी करनाल रेंज की अगुवाई में एक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें कैथल और पानीपत के एसपी को भी शामिल किया गया है। कमेटी नकल गिरोहों के मोड ऑफ अप्रेंटिस (तौर-तरीकों) सहित तमाम जानकारियां जुटाएगी, जिसके बाद आईजी के माध्यम से यह रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
प्रदेश में हाल ही में प्रश्नपत्र लीक और नकल गिरोह धरे जाने के कई मामले सामने आए हैं। इसी वर्ष कैथल व पानीपत में भी पुलिस ने नकल गिरोहों का पर्दाफाश किया है। हरियाणा सिपाही के लिए आयोजित हुई परीक्षा में कैथल पुलिस ने राज्यस्तर पर फैले नकल गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें अब तक 47 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। इसी प्रकार से पानीपत पुलिस द्वारा भी कार्रवाई की गई है। इससे पूर्व भी कई जिलों से प्रश्न पत्र लीक की घटनाएं हुईं हैं। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए हरियाणा पुलिस महानिदेशक ने एक कमेटी का गठन किया है। करनाल रेंज की आईजी ममता सिंह की अगुवाई में कैथल पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह व पानीपत पुलिस अधीक्षक शशांक सावन को इस कमेटी में शामिल किया गया है। तीनों ही अधिकारी हाल ही में पकड़े गए नकल गिरोहों द्वारा प्रश्न पत्र लीक करने के लिए अपनाए जाने वाले तौर-तरीकों का बारीकी से अध्ययन करेंगे। हर तरह की लीकेज को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। प्रश्नपत्र प्रकाशित करवाने से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने तक नकल गिरोह कैसे प्रश्न पत्र हासिल करते हैं, इन सभी तरह की लीकेज पर अधिकारी जानकारी जुटा रहे हैं। पकड़े गए गिरोह सदस्यों से हासिल जानकारियों के आधार पर पुलिस द्वारा यह रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हरियाणा पुलिस सिपाही भर्ती के प्रश्नपत्र को जम्मू एवं कश्मीर जैसे दूर-दराज इलाके में प्रकाशित करवाने के बावजूद यह कैसे लीक हो गया, यह बात सभी के सामने आ चुकी है। अपराधी कैसे अपने नेटवर्क को बढ़ाते हैं, कैसे प्रश्नपत्र बेचे जाते हैं, कैसे परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाते हैं, परीक्षा केंद्रों में कैसे परीक्षार्थी लीक हुए प्रश्नपत्रों के माध्यम से नकल करते हैं, प्रश्नपत्रों की ऑंसर-की कैसे परीक्षार्थियों तक पहुंचाई जाती है, इन तमाम बातों की जानकारी और इन्हें रोकने के लिए कमेटी द्वारा सुझाव दिए जाएंगे। भविष्य में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग हो या हरियाणा लोक सेवा आयोग या फिर अन्य कोई भर्ती परीक्षा, उसके लिए इस कमेटी को फुल प्रूफ सुरक्षा प्लान तैयार करने के लिए कहा गया है।
प्रश्नपत्र लीक मामलों को देखते हुए डीजीपी द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें कैथल व पानीपत के एसपी भी शामिल हैं। परीक्षा तंत्र को कैसे मजबूत बनाया जाए, प्रश्नपत्र लीक करने वाले अपराधी कौन-कौन से तौर-तरीके अपनाते हैं? इन सभी विषयों को ध्यान में रखकर सुरक्षा तंत्र मजबूत करने के लिए इस कमेटी द्वारा सुझाव दिए जाने हैं। अभी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
--ममता सिंह, आईजी, करनाल रेंज।