केंद्र सरकार के खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने सोलुमाजरा स्थित साइलो अनाज भंडारण केंद्र का दौरा किया। इस दौरान डीएफएससी प्रमोद ने खाद्य सचिव को बताया कि साइलो के माध्यम से 2007 से कार्य चल रहा है। ई-पोर्टल पर किसान अपनी फसल का पंजीकरण करवाकर साइलो के माध्यम से अनाज सीधे बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं। इस मौके पर एसडीएम संजय कुमार और डीएफएससी प्रमोद कुमार ने साइलो से निकले हुए वेस्ट फसल को पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल करने का सुझाव रखा।
साइलो अनाज भंडार के निरीक्षण के दौरान खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति मामले के महानिदेशक विजय दहिया, अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुरोग रस्तोगी, एफसीआई के जनरल मैनेजर ओम प्रकाश भी मौजूद रहे। इस मौके पर केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय और अन्य मौजूद टीम ने साइलो अनाज भंडारण परिसर में पौधरोपण किया। इस मौके पर प्रोजेक्टर पर डोक्युमेंटरी के माध्यम से साइलो से संबंधित सूचना भी दी गई।
डीएफएससी प्रमोद कुमार ने खाद्य सचिव को बताया कि किसानों की इंट्री कंप्यूटर द्वारा जारी टोकन के माध्यम से की जाती है। इसके माध्यम से किसान लोडिंग आनलोडिंग, फसल की साफ-सफाई आदि का खर्च बचा रहे हैं। जिससे उनके समय की बचत के साथ-साथ आमदनी में सुधार हो रहा है। एफसीआई द्वारा निर्मित खाद भंडारण की तुलना में एक तिहाई कम जगह में ज्यादा अनाज का स्टोरेज किया जा रहा है। अनाज का रख-रखाव मशीनों के माध्यम से किया जाता है, जिससे अनाज के खराब होने की संभावना नहीं के बराबर रहती है। एक साइलो की कैपेसिटी 12 हजार 500 टन है और यहां पर 16 साइलो हैं। यहां पर अनाज का रख-रखाव किया जाता है तथा बाद में वितरण के लिए विधि अनुसार भेज दिया जाता है। इस मौके पर अतुल कुलकर्णी और अन्य स्टाफ मौजूद रहा।