कैथल। रोडवेज विभाग में चालक, परिचालक और वर्कशॉप में नौकरी पाने की खातिर प्रशिक्षण के लिए पांच हजार से अधिक युवाओं ने आवेदन कर दिए। सोमवार को बस स्टैंड परिसर में आवेदन जमा कराने के लिए युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी। भीड़ बढ़ती देख विभाग के विभाग के कर्मचारियों ने बिना पूरी जांच-पड़ताल के आवेदन जमा करा लिए। साथ ही आवेदनकर्ताओं का वर्कशॉप में टेस्ट भी लिया गया। प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं का विभाग प्रमाणपत्र जारी करेगा। प्रमाणपत्र रोजगार निगम के पोर्टल पर अपलोड करना होगा। जब विभाग को चालकों और परिचालकों की जरूरत पड़ेगी, तब प्रशिक्षण पा चुके युवाओं को नियुक्ति देने में विभाग वरीयता देगा। रोडवेज डिपो में जल्द ही नई बसें आने का अनुमान है। बसों को चलाने के लिए विभाग को चालक और परिचालकों की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए विभाग पहले से ही तैयारी में जुट गया है ताकि बसों को चलाने में चालक और परिचालकों को परेशानी न हो।
प्रशिक्षण रोडवेज विभाग आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद हैवी लाइसेंस वाले चालकों के साथ परिचालक का लाइसेंस वाले युवाओं को प्रशिक्षण देगा। चालक को बस चलाने के बारे में जानकारी दी जाएगी। वहीं परिचालकों को टिकट संबंधित पंचों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। चालक से तीन साल के अनुभव के साथ हैवी लाइसेंस, 18 से 42 वर्ष के साथ मेडिकल फिटनेस भी जांच की जाएगी। परिचालक के पास लाइसेंस होना चाहिए। चालक-परिचालक के टेस्ट में पास होने वाले चालकों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा। वहीं परिचालकों को प्रशिक्षण के समय बुलाया जाएगा।
वर्कशॉप में लिया चालकों का टेस्ट
वर्कशॉप में विभाग की ओर से चालकों का टेस्ट लिया जा रहा है। इसमें चालकों से बस चलवाकर देखी जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया महाप्रबंधक अजय गर्ग व टीएम रोहताश जांगड़ा की देखरेख में हुई। सोमवार को चालक पद के लिए 100 युवाओं ने टेस्ट दिए। इनमें से 45 युवाओं ने टेस्ट पास किया।
रोडवेज महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद एक प्रमाणपत्र दिया जाएगा। सभी को यह प्रमाणपत्र रोजगार पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इन युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता दी जाएगी।