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खाद की कमी के कारण किसान परेशान

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fertilijer - फोटो : Kaithal
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खाद की कमी के कारण पंजाब से खाद खरीदने के लिए किसान कैथल में पहुंच रहे हैं। यहां के किसानों को भी खाद के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं कई दुकानदारों द्वारा खाद के साथ दवा भी दी जा रही है। कृषि विभाग द्वारा यूरिया बिक्री पर नजर रखी जा रही है। साथ ही स्थानीय किसानों की जरूरत पूरी करने का दावा भी किया जा रहा है।
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जिले में 70 हजार एमटी यूरिया खाद की लागत-कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में एक लाख 75 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं की बिजाई की गई है। गेहूं उत्पादक क्षेत्र को देखते हुए जिले में 70 हजार एमटी यूरिया खाद की लागत होती है।
कम्हेड़ी से आए एक किसान ने कहा कि पैक्स में उन्हें खाद नहीं मिल रही है। उन्होंने एसडीएम गुहला से बात की। इसके बाद वे यहां कैथल में यूरिया के लिए आए हैं। जहां बताया जा रहा है कि यूरिया खत्म हो गई है। उनकी मांग है कि पैक्सों में यूरिया उपलब्ध करवाया जाए। वहीं पंजाब से आए अन्य किसानों ने कहा कि जब सरकार द्वारा फसल कहीं भी बेचने की बात कही जा रही है तो खाद व दवाएं भी कहीं से भी खरीदने की छूट मिलनी चाहिए।
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खाद विक्रेता नरेश कुमार ने बताया कि कई बार उनके पास पंजाब से किसान खाद लेने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन वे उन्हें खाद नहीं दे रहे। उनके पास उतना ही खाद होता है, जो उनके जिले के ग्राहकों का काम चला सके। डिस्ट्री ब्यूटरों से उन्हें सीमित मात्रा में ही खाद मिलती है। वे उनके साथ जुड़े किसानों की मांग को ही मुश्किल से पूरा करते हैं।
खाद विक्रेता रमेश कुमार ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा विक्रेताओं को जो निर्देश जारी किए गए हैं, उनका पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। पंजाब से अगर कोई किसान आता है तो उसे विभाग के आदेशों के बारे में स्पष्ट बताया जाता है। लोकल किसानों को ही आपूर्ति दी जा रही है।
कृषि उपनिदेशक डा. सतीश नारा ने कहा कि किसानों को जरूरत अनुसार खाद दिलवाई जा रही है। खाद के साथ दवाएं बेचने जैसी कोई बात नहीं है। इस संबंध में किसी भी किसान ने शिकायत नहीं की है। यदि कोई किसान शिकायत देता है तो निश्चित रुप से सुनवाई की जाएगी। विभाग खाद के नियंत्रण को लेकर नजर बनाए हुए है। स्थानीय किसानों को खाद की कोई कमी नहीं होनी दी जाएगी।
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि पंजाब क्षेत्र के किसानों को खाद बेचने की मनाही है। जिले में किसानों के लिए इस समय जिले में खाद पर्याप्त मात्रा में है। दिसंबराह में 20 हजार एमटी के करीब और खाद जिले में आ जाएगी। जब तक जिले की लागत के अनुसार खाद पूरी है। किसान परेशान न हों। खाद खरीदने के लिए आपाधापी ना करें।
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