चंडीगढ़-हिसार राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित गांव बात्ता और कैलरम गांव के बीच करीब 100 एकड़ गेहूं का बड़ा रकबा आग लगने से राख में बदल गया। इस दौरान गांव बात्ता निवासी किसान दीपक सूर्यवंशी आग में बुरी तरह घिर गया और झुलस गया। वह ट्रैक्टर लेकर खेत में गया था और बंद होने से खेत से बाहर नहीं निकल सका । आग के हवा के रुख के विपरीत जाने पर उसने जान बचाने के लिए ट्रैक्टर से छलांग लगा दी। जब तक वह आग के घेरे से बाहर निकला तक तब युवक बुरी तरह से झुलस चुका था। ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद उसे आग से खींचकर बाहर निकाला। उसके बाद उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। युवक की हालत स्थिर बनी हुई है।
कलायत के गांव बात्ता स्थित 220 केवी बिजली स्टेशन के पास कृषि क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में कई बार आग की घटना घट चुकी हैं। इसके बाद भी हालात से निपटने के लिए सरकारी स्तर पर कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए है। गांव बात्ता, कैलरम, वजीर नगर क्षेत्र में कृषि करने वाले किसानों का आरोप है कि औद्योगिक इकाइयों को बिजली पूर्ति के कारण अकसर शॉर्ट सर्किट की समस्या होती आई है। हालांकि जब भी अधिकारी मौके पर आते हैं तो वे बार-बार यह गुहार लगाते हैं कि फसल सीजन के दौरान यहां स्थित इकाइयों की बिजली पूर्ति को संभावित हादसों के मद्देनजर बंद किया जाए। उनकी गुहार के संबंधित अधिकारियों पर कोई सकारात्मक असर नजर नहीं आता।