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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रेलवे ट्रैक पर पहुंचे किसान

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लखीमपुर खीरी में किसानों के साथ हुई घटना, कृषि कानून रद्द करने, एमएसपी पर खरीद करने सहित अन्य मांगों को लेकर किसानों ने रेल रोको आंदोलन के तहत कैथल में नए रेलवे स्टेशन के निकट ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन किया। किसान सुबह दस बजे से सायं चार बजे तक ट्रैक पर डटे रहे। इस दौरान कोई ट्रेन नहीं आई। इसके अलावा कलायत में भी किसानों ने ट्रैक पर बैठकर रोष जताया। इस प्रदर्शन में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों के विभिन्न संगठनों के सैकड़ों महिला व पुरुष किसान शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
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सुबह नौ बजे किसान हनुमान वाटिका में एकत्रित हुए। जिसके बाद वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नया कैथल रेलवे ट्रैक पर पहुंचे। किसानों ने शाम चार बजे धरने प्रदर्शन का समापन किया गया। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता होशियार गिल व भरत सिंह बेनीवाल ने की। किसान नेता होशियार गिल, विक्रम कसाना, भरत सिंह बेनीवाल, जसविंदर ढुल, सतपाल दिल्लोंवाली, राजबाला व महाबीर नरड़ ने कहा लखीमपुर में किसानों के साथ घटी घटना निंदनीय है। जब तक राज्यमंत्री अजय मिश्र अपने मंत्री पद को नहीं छोड़ते तब तक इस मामले की सही जांच नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और उनके खिलाफ भी 302 व 120 बी का पर्चा दर्ज होना चाहिए। सिंघु बॉर्डर पर हुई घटना पर उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेने का अधिकार नहीं है। इस घटना के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच कर रही है।
बता दें कि कोरोना महामारी की शुरुआत में कैथल में नरवाना-कुरुक्षेत्र रेल सेक्शन से गुजरने वाली पैसेंजर ट्रेन को बंद किया गया था। डेढ़ साल बीत जाने के बावजूद यहां पर इन ट्रेनों को अभी तक शुरू नहीं किया गया है। यहां पर पर दौलतपुर-चंडीगढ़-जयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ही रात के समय गुजरती है। कुरुक्षेत्र-जींद के इस रेलवे ट्रेक पर 24 घंटे में दो बार ट्रेन आती हैं। जिसमें जयपुर-चंडीगढ़ मेल एक्सप्रैस रात्रि 10.10 मिनट पर और वापसी में यही ट्रेन सुबह 4 बजे इस ट्रैक से गुजरती है। इसके अलावा मालगाड़ी आती हैं। सोमवार को दिन में किसान आंदोलन को देखते हुए मालगाड़ी का भी शैड्यूल नहीं था। जिस कारण कोई भी ट्रेन किसानों के रोष प्रदर्शन के समय नहीं आई।
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