कैथल। जिला सहकारी बैंक में सरकार की ओर से प्रतिबंध के बावजूद आउटसोर्सिंग से भर्ती के प्रयास किए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इसके लिए प्रभावशाली लोगों की ओर से भी पैरवी की जा रही है, हालांकि कई बैंक प्रबंधकों ने 27 सितंबर को सरकार द्वारा जारी आदेशों के कारण एजेंसी के माध्यम से भेजे गए कर्मचारियों को ज्वाइन करवाने से इंकार कर दिया है।
बैंक के कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 27 सितंबर को सरकार ने आदेश जारी किए थे कि आउटसोर्सिंग सहित अन्य माध्यमों से कर्मचारियों की भर्ती अब नहीं की जाएगी। इसके लिए अलग से विभाग बनाया गया है। इन आदेशों के जारी होने के बाद ही कोआपरेटिव बैंकों में कम्प्यूटर ऑपरेटर, सुरक्षा गार्ड व चतुर्थ श्रेणी के कई कर्मचारी भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू हुई। हालांकि एजेंसी को टेंडर जुलाई माह में ही दे दिया गया था, लेकिन बैंक सूत्रों ने कहा कि एजेंसी ने 27 सितंबर तक करीब 80 से 85 कर्मचारी ही भर्ती किए थे।
जबकि उसके पास 100 कर्मचारियों को भर्ती करने का टेंडर था। इसमें 50 कंप्यूटर ऑपरेटर, 32 सिक्योरिटी गार्ड व 18 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रखे जाने का टेंडर जारी हुआ था। बताया जा रहा है कि अब 100 का आंकड़ा पार कर चुका है। एक बैंक मैनेजर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने खुद एजेंसी के कहने पर कर्मचारी ज्वाइन नहीं करवाए हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि सरकार के 27 सितंबर के बाद कर्मचारियों को भर्ती न करने के निर्देशों के बावजूद वे कैसे इन कर्मचारियों को अब ज्वाइन करवाएंगे।
कर्मचारियों ने जीएम से मिलकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की
कर्मचारी यूनियन के प्रधान सुरेंद्र सिंह ने कहा कि कई बैंकों में एजेंसी के माध्यम से कर्मचारी भेजकर ज्वाइनिंग की बात की जा रही है। स्थिति स्पष्ट करने के लिए कर्मचारी जीएम से मिले हैं। उनसे मांग की गई है कि बैंक की ओर से स्थिति स्पष्ट की जाए। जल्द ही होने वाली बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में भी कर्मचारी इस मामले में स्पष्ट निर्देश की मांग करेंगे।
कर्मचारियों के व्हॉट्सएप पर ये मैसेज हो रहा वायरल
द कैथल केंद्रीय सहकारी बैंक कर्मचारी यूनियन की तरफ से आप सभी शाखा प्रबंधक एवं अनुभाग प्रभारियों को सूचित किया जाता है कि 20 अक्तूबर को हुई यूनियन की कार्यकारी मीटिंग में फैसला लिया गया है कि बार-बार कहने के बावजूद मुख्यालय द्वारा आउटसोर्सिंग एजेंसी से लगे कर्मचारियों का अनुमोदन नहीं भेजा जा रहा है। जिससे शाखा स्तर पर इन कर्मचारियों से काम करवाना असंभव है। कर्मचारी यूनियन की बैठक में फैसला लिया गया है कि जब तक मुख्यालय से इन नवनियुक्त कर्मचारियों के आदेश अनुमोदित होकर शाखाओं एवं सेक्शन में नहीं पहुंचते, तब तक इन कर्मचारियों से कोई कार्य न करवाया जाए न ही इन्हें ज्वाइन करवाया जाए। -सुरेंद्र श्योकंद, प्रधान
जीएम यशवीर से सीधी बातचीत
प्रश्र-बैंक में सरकार के आदेशों के बावजूद आउटसोर्सिंग के तहत कर्मचारियों को बैक डेट में भर्ती की चर्चाएं जोरों पर हैं?
उत्तर-बैक डेट में भर्ती का कोई मामला नहीं है। एजेंसी ने ज्वाइन तो कर्मचारियों को पहले ही करवा लिया है। कर्मचारी यूनियन इन कर्मचारियों का बैंक से अनुमोदन चाहती है। इसके लिए बातचीत चल रही है।
प्रश्र-एजेंसी को 100 कर्मचारी के लिए टेंडर जारी हुआ था। अब कितने कर्मचारी नियुक्त हो चुके हैं, पता चला है कि 27 सितंबर तक 80 कर्मचारियों ने ज्वाइन किया था?
उत्तर-बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ही टेंडर अलॉट करता है। 100 कर्मचारियों के लिए टेंडर फिक्स नहीं था। यह बैंक की जरूरत के अनुसार था, जिसमें संख्या कम या ज्यादा हो सकती है। करीब 103 कर्मचारियों की ज्वाइनिंग की उनके पास सूचना है।
प्रश्र-बैंक कर्मचारी आपसे मिले थे, उन्होंने स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। बैंक इन कर्मचारियों की ज्वाइनिंग की अनुमति देगा?
उत्तर-कर्मचारियों ने अनुमोदन की मांग की है। मसला हल हो जाएगा। उन्होंने स्वयं सभी बैंकों से रिपोर्ट मांगी है कि किस बैंक में कौन से कर्मचारी की कब ज्वाइनिंग हुई है। जल्द ही यह रिपोर्ट मिल जाएगी।