02-कैथल। जिला जेल में औचक निरीक्षण के दौरान महिला कक्ष में बच्चों को खिलौने वितरित करते हुए डॉ. संग?
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कैथल। डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल ने बृहस्पतिवार को जिला जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों के वार्डों में जाकर उनकी समस्याएं और शिकायतें भी सुनी। उन्होंने अन्य वार्डों का जायजा लेने के साथ जिला जेल अधीक्षक से फीडबैक भी लिया।
कैदियों और बंदियों ने शिकायत की कि जेल में मेडिकल सुविधा नहीं है, इस पर डीसी ने सिविल सर्जन को जेल अधीक्षक के साथ मिलकर व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कपड़े धोने व नहाने के लिए साबुन की व्यवस्था के दृष्टिगत डीसी ने जेल अधीक्षक संजय बांगड़ से पूछा तो उन्होंने कहा कि जेल में कैंटीन की व्यवस्था है और कोई भी बंदी या कैदी वहां से उचित मूल्य पर सामान ले सकता है। औचक निरीक्षण के दौरान डीसी ने मुलाकात कक्ष, लंगर ब्लॉक व अन्य कक्षों का भी दौरा किया।
खाना प्रबंधन विषय पर जेल प्रशासन से जानकारी मांगी। इस पर पुलिस अधीक्षक बांगड़ ने बताया कि निर्धारित मापदंड के तहत कैदियों और बंदियों के लिए खाने की व्यवस्था है। कैदियों की अपने परिजनों से बात करने के लिए पिक मशीन की व्यवस्था भी है, जिससे संबंधित कैदी और बंदी घरवालों से बात कर सकते हैं। कैदी सप्ताह में एक बार मुलाकात कर सकते हैं, जबकि हवालाती दो बार मुलाकात कर सकते हैं।
निरीक्षण के दौरान डीसी की नजर कैदियों और बंदियों के बच्चों पर भी पड़ी। महिला कक्ष में उन्होंने बच्चों से मुलाकात की और बच्चों के लिए तुरंत प्रभाव से बाजार से खिलौने मंगवाए व कहा कि बच्चों के लिए पोशाकों, जूते-चप्पलों के साथ-साथ पाठ्य चार्ट की व्यवस्था भी करवाई जाएगी। एसपी जेल संजय बांगड़ ने बताया कि जिला जेल में कैदियों और बंदियों की संख्या 802 है, जिनमें से महिलाओं की संख्या 27 है। इन महिलाओं के साथ तीन बच्चे भी हैं। पुरुष कैदियों और बंदियों की संख्या 775 है।