फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डिपो होल्डर ने सरकारी राशन लोगों को बांटने की बजाय खुद हड़प लिया, केस दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
कैथल के वार्ड नंबर 19 में स्थित डिपो होल्डर श्रीनिवास ने अपनी मनमानी करते हुए सरकारी राशन का लोगों में वितरण करने की बजाय स्वयं ही हड़प लिया। जब लोगों को राशन नहीं मिला तो इसकी शिकायत विभाग को दी गई।
विज्ञापन

जानकारी मिलने के बाद फूड सप्लाई विभाग के खाद्य उप निरीक्षक संदीप कुमार ने मौके का दौरा किया। खामियां मिलने के बाद डिपो को सील कर दिया गया और राशन का गोलमाल करने पर जनवरी माह में सिविल लाइन पुलिस थाना में शिकायत दी गई, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं की। इसके बाद फिर से थाना में जाकर शिकायत दर्ज करने का आग्रह किया, इसके बाद भी शिकायत दर्ज नहीं की यहां तक कि मामले से संबंधित पुलिस कर्मचारी ने उप निरीक्षक को ही धमकी देते हुए उसके खिलाफ ही केस दर्ज करने की बात कही। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि करीब दस चक्कर थाना में काटने के बावजूद आज तक केस दर्ज नहीं हुआ है, यहां तक कि पुलिस अधीक्षक को भी पत्र लिखा जा चुका है, इसके बावजूद इस मामले में केस दर्ज नहीं किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने पुलिस कर्मचारी पर डिपो होल्डर से मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। अधिकारियों के रोष को देखते हुए पुलिस ने अब केस दर्ज किया है।
डिपो होल्डर ने सरकारी राशन का दुरुपयोग करते हुए न केवल हरियाणा प्रदेश की एनएफएसए स्कीम के तहत बटने वाला राशन हड़पा, बल्कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत वितरण होने वाला राशन भी हड़प लिया। विभागीय अधिकारियों से जानकारी मिली कि आरोपित डिपो होल्डर ने आठ क्विंटल 61 किलो बाजरा, दो क्विंटल 10 किलो गेहूं, 112 लीटर सरसों का तेल, 34 क्विंटल 30 किलो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का राशन, एक किलो 40 किलो चीनी, 34 किलो गेहूं हरियाणा सरकार का हड़प लिया है।
विज्ञापन

लोगों की शिकायत के बाद पिछले साल सितंबर माह में जब विभागीय अधिकारियों ने मौके का दौरा किया तो डिपो बंद मिला था। इसके बाद वार्ड के पार्षद से संपर्क किया गया तो पार्षद ने विभाग को लिखकर दिया था कि डिपो होल्डर राशन का वितरण नहीं कर रहा है। लोगों से जानकारी ली गई तो बताया गया कि राशन उन्हें नहीं मिल रहा है। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने डिपो को सील करते हुए एफआइआर दर्ज करने के लिए इस साल जनवरी माह में शिकायत पुलिस थाना में दी।
विज्ञापन

एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। जांच के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें