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बसों की कमी से कैसे पढ़ें बेटियां

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12-कैथल। बस में सवार होने के लिए लगी छात्राओं की भीड़। - फोटो : Kaithal
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कैथल। हरियाणा सरकार ने छात्राओं के लिए बस सेवा निशुल्क तो कर दी है लेकिन बसें न होने के कारण छात्राएं परेशान हैं। वे बसों की कमी से न तो समय पर स्कूल या कॉलेज में पहुंच पाती और न ही दोपहर बाद घर। हालात यह है कि जिले में कुल 282 गांव हैं जबकि रोडवेज के बेड़े में 86 बसें हैं। बसों की कमी से छात्राओं को दिक्कतें हो रही हैं।
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छात्रा सुमन, राजवंती, मुकेश, अनिता, सोनिया व सुकेश का कहना है कि गांव से शहर तक आने में छात्राओं के लिए बहुत कम बस सेवा दी जा रही है। इस कारण छात्राओं को बसों में धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ता है। इसके बाद कक्षाएं छूट जाती हैं। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सरकार की तरफ से ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान शुरू किया हुआ है, लेकिन छात्राएं शैक्षणिक संस्थान तक पहुंचने में भी असमर्थ नजर आ रही हैं।
शहर आती हैं करीब तीन हजार छात्राएं
करीब तीन हजार छात्राएं गांवों से शहर तक पढ़ाई के लिए आती हैं। शहर में महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय, राजकीय कॉलेज, आरकेएसडी कॉलेज, जाट कॉलेज, आईजी कॉलेज सहित कई नामी स्कूल हैं। छात्राओं की संख्याओं के हिसाब से कम बसें मिल रही है। कई बार छात्राएं डीसी को भी अतिरिक्त बसें चलाने के लिए गुहार लगा चुकी हैं।
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बस पास है छात्राओं के लिए निशुल्क
रोडवेज विभाग की तरफ से छात्राओं के लिए निशुल्क बस पास बनाए गए हैं। छात्राओं का कहना है कि ऐसे बस पास बनाने का क्या फायदा है, जब बसें ही समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती है। जिले के डिपो में महज 86 रोडवेज बसें व 23 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चल रही हैं। जिले में किठाना, राजौंद, गुहला-चीका, ढांड, कलायत, पाई, सीवन कस्बे में रोजाना बसों के इंतजार में छात्राओं की भीड़ उमड़ी रहती है।
रोडवेज के जीएम अजय गर्ग ने बताया कि पांच के करीब स्पेशल लड़कियों के लिए बसें भेजी जा रही हैं। जल्द ही नई बसें मिलने का अनुमान है। इसके बाद अन्य गांवों में भी बस सेवा शुरू की जाएगी।
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