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Haryana: रैली की अनुमति देने की बजाय अपशब्द बोलने का मामला, साइबर पुलिस ने एक अज्ञात के खिलाफ किया केस दर्ज

Sat, 06 Apr 2024 04:02 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)

सार

कैथल में रैली की अनुमति देने की बजाय अपशब्द बोलने के मामला में पांच कर्मियों को एसडीएम ने तुरंत सस्पेंड कर दिया था। मामले में आगामी जांच के लिए जल्द कमेटी बनाई जाएगी। अब एसडीएम की शिकायत पर साइबर पुलिस ने एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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चुनाव आयोग - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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एक राजनैतिक पार्टी के कार्यकर्ता द्वारा चुनावी रैली की अनुमति के लिए आयोग के पोर्टल पर आवेदन करने के बाद जवाब में मिले अपशब्द मामले में एसडीएम की शिकायत पर साइबर पुलिस ने एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में एआरओ कम एसडीएम ब्रह्म प्रकाश ने पांच कर्मचारियों को निलंबित भी कर दिया था। इसमें चार कंप्यूटर ऑपरेटर व एक जूनियर प्रोग्रामर को निलंबित किया था। इस मामले में डीसी प्रशांत पंवार ने भी संज्ञान लिया और एक्स पर ट्ववीट कर मामले में केस दर्ज करवाने को लेकर पूरी जानकारी दी गई। वहीं, इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी व आप के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने इस मामले में मिलीभगत का आरोप लगाया है। 

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साइबर थाना में एसडीएम ने यह दी है शिकायत
साइबर थाना में दी गई शिकायत में एआरओ कम एसडीओ ब्रह्म प्रकाश ने बताया कि तीन अप्रैल को शुभम राणा ने ऑनलाइन प्रार्थना पत्र के माध्यम से जनसभा की अनुमति के लिए दो आवेदन प्राप्त हुए थे। इस पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने एआरओ यूजरस का दुरुपयोग करते हुए दोनों आवेदन पत्रों को रद्द कर दिया गया है। यही नहीं, इस पर कुछ आपत्ति जनक टिप्पणी व फोटो अपलोड कर दी है। इसलिए अनुरोध है कि उपरोक्त दोनों आवेदन पत्रों पर जिस भी अज्ञात व्यक्ति ने इस पोर्टल का दुरूपयोग किया है। उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। साइबर थाना के जांच अधिकारी इंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अभी आईपी एड्रेस की जानकारी ली जा रही है। अन्य पहलूओं पर भी जांच की जा रही है। इस मामले में जल्द ही शॉर्ट आउट कर लिया लाएगा। 

प्रशिक्षण के दौरान पासवर्ड लीक या किसी कर्मचारी की करतूत, जांच करेंगे विशेषज्ञ
जिला सूचना अधिकारी दीपक खुराना ने अपने रिपोर्ट में कहा है कि दोनों ही रद्द प्रार्थना पत्रों की रिपोर्ट पर कोई डेट और टाइम नहीं है। उन्होंने संभावना जताई है कि तीन अप्रैल को होने निर्वाचन विभाग की ओर से आयोजित ट्रेनिंग मेंएआरओ व कार्यालय में नियुक्त आईटी टीम के कर्मचारियों ने भाग लिया था। जिस आवेदन पर टिप्पणी की गई है। उसी को डेमो के रूप में प्रयोग करते हुए पोर्टल के बारे में समझाया गया था। शायद इस समय किसी ने यूजर आईडी और पासवर्ड चुरा लिया हो। पुलिस भी अब इसी एंगल को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। साइबर सेल के प्रभारी शिव कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस पहले आरो कार्यालय का सभी रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेगी। सभी ऑपरेटर के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। उसके बाद किसने यूजर आईडी का दुरुपयोग किया है। इस बात का पता पुलिस लगाएगी।
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यह है पूरा मामला
मामले में एक राजनैतिक पार्टी के कार्यकर्ता ने चुनावी रैली की अनुमति के लिए आयोग के पोर्टल पर आवेदन किया था। इस पर उसे जवाब में अनुमति की बजाय अपशब्द मिले। इसमें इस पोर्टल को न केवल रद्द कर दिया, बल्कि उस पर हरियाणवी भाषा में गलत टिप्पणी की। यह आवेदन अनुमति लेने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से जारी एनकोर पोर्टल पर किया था।

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