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नागरिक सुविधा केंद्र से सुविधाएं हुईं नदारद

Fri, 14 Oct 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो कैथल
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जांच में 14 में से 7 केंद्रों पर मिली भारी खामियां - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 जिले में लोगों को घर के निकट ही सभी तरह के सरकारी प्रमाण पत्र बनवाने सहित अन्य सुविधाओं के लिए अलॉट किए गए नागरिक सुविधा केंद्र हाथी दांत साबित हो रहे हैं। इनमें से कई केंद्रों पर लोगों को आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रशासन द्वारा 164 में से 14 केंद्रों की रेंडम आधार पर की गई चेकिंग में सात ऐसे सुविधा केंद्र पाए गए हैं, जहां भारी खामियां हैं। कई केंद्रों पर इंटरनेट की सेवाओं के न होने के कारण अभी प्रमाण पत्र मिलना ही शुरू नहीं हुए हैं। तो कई जगह अलॉटमेंट के बाद भी वीएलए (विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर) बैठना शुरू नहीं हुए हैं। जिस कारण लोगों को इन सेवाओं के लिए जिला मुख्यालय पर ही आना पड़ता है। खामियां पाए जाने पर 7 केंद्र संचालकों को नोटिस जारी करने का निर्णय हुआ है। यदि सुधार नहीं होता है तो इनकी अलॉटमेंट रद्द भी हो सकती है।
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घर-द्वार के निकट सुविधाओं के लिए खोले जा रहे हैं नागरिक सुविधा केंद्र
केंद्र सरकार की योजना के अनुसार लोगों को घर द्वार के निकट ही सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए नागरिक सुविधा केंद्र खोले जा रहे हैं। जिले में अब तक शहर व गांवों में 164 नागरिक सुविधा केंद्र खोले जा चुके हैं। शेष गांवों व शहरी इलाके में भी ये केंद्र खोले जाने हैं। लेकिन अभी तक कई जगह ये प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहे हैं। जिस कारण इनकी प्रारंभिक जांच की गई।

ये सेवाएं दी जाती हैं सीएससी में
इन केंद्रों पर पेंशन बनवाने, जाति प्रमाण पत्र, रिहायशी प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पासपोर्ट संबंधी कार्य, आधार कार्ड में नाम ठीक करवाने बारे, पैन नंबर आवेदन, बिजली बिल, टेलीफोन बिल, बीमा की किश्त भरने, आयकर रिटर्न भरने सहित 22 तरह की सरकारी सेवाओं के अलावा निजी तौर पर केंद्र संचालक मोबाइल रिचार्ज करने सहित अन्य कार्य भी कर सकते हैं। सुविधा के तौर पर केंद्र संचालक को सरकार द्वारा सरकारी फीस का 80 प्रतिशत भुगतान किया जाता है। उदाहरण के लिए यदि किसी सेवा के लिए सरकारी फीस 100 रुपये है तो 80 रुपये केंद्र संचालक को दिया जाना है।
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14 की हुई जांच, सात में मिली गंभीर खामियां
प्रशासन द्वारा पबनावा, सैर, चौशाला, खुराना, रोहेड़ा, किठाना, क्योड़क, क्वारतन, कैथल के तीन, चीका का एक व राजौंद में दो सीएससी की जांच करवाई गई। इसमें सात ऐसे केंद्र पाए गए हैं। जिनमें कई जगह वीएलए बैठते ही नहीं। कई वीएलए एक ही स्थान पर बैठे हुए मिले। जबकि उन्हें गांव अनुसार अलग-अलग सेंटर अलॉट हैं। एक वीएलए के पास परिवार के सदस्यों के नाम से कई-कई सेंटर मिले। कई जगह इंटरनेट की कमी के कारण प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं तो कई जगह पंचायत की ओर से सेंटर के लिए जगह नहीं मिल पाई। इन सभी खामियों को दूर करने के लिए कहा गया है। एडीसी शक्ति सिंह ने वीरवार सायं संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर इस संबंध में निर्देश जारी किए।

जिले में जितने भी सीएससी चल रहे हैं, उन सभी को चालू हालत में रखने के निर्देश दिए गए हैं। 14 की रेंडमली जांच की गई। जिसमें से 7 ऐसे पाए गए, जिनमें गंभीर खामियां हैं। इन खामियों को दूर करने के लिए उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं। यदि खामियां दूर नहीं होती हैं तो जनहित में उनकी अलॉटमेंट रद्द कर दी जाएगी।
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शक्ति सिंह, एडीसी, कैथल।
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