हरियाणा के कैथल में कठवाड़ गांव में टीक रोड स्थित डेरा बाबा बिहारी दास में सोमवार की रात खाकी वर्दी में घुसे छह-सात बदमाशों ने महंत और उनके दो सेवकों को बंधक बनाकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान बदमाशें ने 85 हजार की नकदी और लाखों के आभूषण लूट लिए। सूचना मिलने के बाद पुलिस मुकदमा दर्ज कर लुटेरों की तलाश में जुटी है।
सदर थाने की पुलिस को दी शिकायत में डेरे के महंत त्रिवेणी दास ने बताया कि 28 मार्च की रात 10 बजे वह पूजा-पाठ कर सो गए थे। वहीं साथ के धूने वाले कमरे में उनके दो शिष्य कपिल और मंगलदास सो रहे थे।
रात करीब दो बजे उन्हें बचाओ-बचाओ की आवाज सुनाई दी। वे दौड़ कर गए तो वहां छह-सात बदमाश हाथों में डंडे और गंडासी लिए हुए दिखे। बदमाशों ने पुलिस से मिलती-जुलती खाकी ड्रेस पहन रखी थी। वर्दी पर सिक्योरिटी गार्ड लिखा हुआ था।
बदमाशों ने तीनों को कमरे में बैठा लिया और तीन बदमाश उनके पास ही खड़े हो गए, जबकि तीन अन्य बदमाश डेरे की तलाशी करने लगे। महंत के शिष्य कपिल ने विरोध किया तो बदमाशों ने उसके साथ मारपीट की। धमकी दी कि अगर शोर मचाया तो तीनों को जान से मार देंगे।
इसके बाद आरोपी डेरे से 85 हजार रुपये नकद, आधा तोला वजन की सोने की एक अंगूठी, तीन-तीन ग्राम सोने की दो अन्य अंगूठियां और आधा तोला सोने की मुर्की लूट कर फरार हो गए। साथ ही दो मोबाइल भी लूट ले गए। इस दौरान बदमाशों ने उन तीनों के हाथ बांध दिए थे। बताया कि मोबाइल में डेरे से जुड़े जरूरी कागजात और रिकॉर्ड भी हैं।
ऐसे में बदमाश उसका गलत प्रयोग कर सकते हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद जब आरोपी बदमाश फरार हो गए तो डेरे के महंत और उनके शिष्य कमरे का शीशा तोड़कर किसी तरह बाहर निकले और ग्रामीणों को सूचित किया। सूचना मिलने पर पुलिस और गांव के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आईपीसी की धारा 342, 395, 418 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महंत त्रिवेणी दास ने बताया कि वह 2008 से डेरे में महंत हैं। उधर एसएचओ महेंद्र सिंह ने कहा कि पूछताछ के बाद पुलिस की कई टीमों ने आरोपी बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया जाएगा।