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Kaithal Breaking: चीका शहर में चलाया जा रहा था अवैध नशामुक्ति केंद्र, छापा मारकर 31 मरीजों को करवाया मुक्त

Wed, 28 Dec 2022 11:38 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, गुहला-चीका, कैथल (हरियाणा)

सार

आधा दर्जन से अधिक विभागों ने संयुक्त रेड की। 31 मरीजों को मुक्त करवाया है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मामले में आगामी कार्रवाई जारी है।
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कैथल में अवैध नशामुक्ति केंद्र पर कार्रवाई। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के कैथल जिले के चीका के वार्ड-16 में खुशहाल माजरा रोड स्थित डेरा भाग सिंह में लोगों से 10 से 15 हजार रुपये लेकर अवैध रूप से नशामुक्ति केंद्र चलाया जा रहा था। आधा दर्जन से अधिक विभागों की टीमों ने बुधवार रात को छापामार कार्रवाई कर 32 मरीजों को मुक्त करवाया है। इन मरीजों को जिला अस्पताल में शिफ्ट किया है। पुलिस ने मामले में केंद्र संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की रात को प्रशाासन की टीम ने दो नशामुक्ति केंद्रों पर रेड की। दोनों चीका में स्थित हैं। इनमें रहमत नशामुक्ति केंद्र में तो नियमों का पालन मिला। वहीं राहत नशामुक्ति केंद्र पूरी तरह से अवैध मिला। इस केंद्र में 32 मरीज दाखिल मिले।

छापामार दल में एसडीएम चीका रोहित कुमार के अलावा एसएमओ गुहला डॉ. संदीप गोयल, समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप शर्मा, स्वास्थ्य विभाग की ड्रग एवं कंट्रोल विभाग से टीम, रेडक्रॉस कर्मचारी के अलावा पुलिस की टीम भी मौजूद थी।
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राहत नशामुक्ति केंद्र में जब कोई कागजात नहीं मिला तो पता चला कि इस केंद्र को पूरी तरह से अवैध रूप से चलाया जा रहा था। जिस कारण यहां से मरीजों को रात को ही कैथल जिला अस्पताल में शिफ्ट किया। बताया जा रहा है कि यहां पर दाखिल मरीजों से दस से 15 हजार रुपये की राशि ली जा रही थी।



एसडीएम गुहला रोहित कुमार ने बताया कि कई विभागों ने संयुक्त रेड की है। जिसमें पता चला कि यहां नशामुक्ति केंद्र अवैध पाया गया है। इसे बिना किसी लाइसेंस के चलाया जा रहा है। यहां जो मरीज मिले हैं, उन्हें जिला अस्पताल में दाखिल करवाया है। मामले में आगामी कार्रवाई एसएचओ गुहला द्वारा की जाएगी।

एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि चीका में दो नशामुक्ति केंद्रों में कई विभागों की टीमों ने बुधवार रात को रेड की। जिसमें रहमत नशामुक्ति केंद्र नियमानुसार चलाते हुए पाया गया। दूसरा राहत नशामुक्ति केंद्र में नियमों की अवहेलना मिली है। यह अवैध रूप से चलाया जा रहा था। इसमें जो मरीज थे, उन्हें जिला अस्पताल में भेज दिया है। वहां जो दवाएं मिली हैं, उनके आधार पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

मारपीट भी होती थी मरीजों के साथ
सूत्रों ने बताया कि अवैध रूप से चलाए जा रहे नशामुक्ति केंद्र में दाखिल मरीजों के साथ मारपीट भी होती थी। नशामुक्ति केंद्र को लेकर प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी। जिसके आधार पर प्रशासन ने कई विभागों की टीम बनाकर बुधवार रात को यहां छापामार कार्रवाई की। पुलिस छानबीन में ही असली सच्चाई का पता चल पाएगा।
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कैथल अस्पताल में दाखिल मरीजों ने बताया कि इस केंद्र में दस से 15 हजार रुपये लिए जाते थे। छह महीनें तक यहां मरीजों को रखा जाता है। उसे घर वालों ने यहां भेजा है। इस नशामुक्ति केंद्र में एक जेल की तरह से रखा जाता था। बाहर का मौसम तक नहीं दिखाते थे। गलती करने पर मारपीट भी की जाती थी। यहां संचालक के घर वाले ही रखे हुए थे। यहां करीब 50 तक भी संख्या पहुंच जाती थी। इसमें बुधवार को करीब 32 लोग दाखिल थे। जिन्हें जिला अस्पताल में लाया गया है। दूसरे मरीज ने बताया कि उसके घर वालों से 20 हजार रुपये लिए थे। उन्हें कहा था कि सारी दवा दी जाएगी। न ही खाना सही ढंग से देते थे। उन्हें मारपीट कर डराया जाता था। यहां दुर्व्यहवार किया जाता था।

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