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कोरोना: नए वैरिएंट से लड़ने की तैयारियों के दावे...दूसरी लहर में हुई घोषणाओं पर भी नहीं हो पाया है काम पूरा

Fri, 03 Dec 2021 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)

सार

कैथल में कोरोना की दूसरी लहर के समय की गई घोषणाओं पर आज तक काम पूरा नहीं हो पाया है। कलायत में आरटीपीसीआर लैब जहां अधूरी है। वहीं पूंडरी में बनने वाले ऑक्सीजन प्लांट पर अभी तक जमीनी स्तर पर काम भी शुरू नहीं हो पाया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के कैथल जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना के नए वैरिएंट से लड़ने के लिए तैयारियां तो की जा रही हैं। लेकिन दूसरी लहर के समय की गई घोषणाओं पर आज तक काम पूरा नहीं हो पाया है। कलायत में आरटीपीसीआर लैब जहां अधूरी है। पूंडरी में बनने वाले ऑक्सीजन प्लांट पर अभी तक जमीनी स्तर पर काम भी शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि जिला नागरिक अस्पताल में पोर्टेबल अस्पताल व ऑक्सीजन प्लांट का काम पूरा हुआ है।

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पूंडरी के ऑक्सीजन प्लांट को अभी तक नहीं स्वीकृति-कोरोना की दूसरी लहर के समय जब जिला नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का कार्य शुरू हुआ, उसके कुछ समय बाद ही पूंडरी में एक अन्य प्लांट लगाने की घोषणा की गई थी। घोषणा के बाद आज तक इसका कार्य फाइलों में लटका पड़ा है। कभी प्लांट लगाने के लिए विभाग को जमीन की समस्या आड़े आ रही है तो कभी अधिकारियों द्वारा प्लांट की अभी तक पूर्ण रूप से स्वीकृति नहीं मिलने की बात कही जा रही है।

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कलायत में आरटीपीसीआर लैब का कार्य भी अभी तक अधूरा

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ही कलायत के नागरिक अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब बनने को स्वीकृति दी गई थी। अभी तक उसका कार्य भी अधर में लटका पड़ा है। मशीनें और अन्य उपकरणों की अभी तक लैब में पूर्ति नहीं हो पाई है, फिलहाल करनाल व अन्य जिलों से सैंपल की जांच का कार्य किया जा रहा है। अगर इस लैब का कार्य पूरा हो जाता है तो लोगों को सैंपल की रिपोर्ट आने में ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एक तो मरीज को समय रहते उपचार मिल जाएगा, दूसरा उसे आर्थिक रूप से भी नुकसान नहीं होगा।

ढाई करोड़ की लागत से बने पोर्टेबल अस्पताल का कार्य हो चुका है पूरा

जिला नागरिक अस्पताल परिसर में करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से पोर्टेबल अस्पताल का कार्य पूरा किया जा चुका है। आधुनिक सुविधाओं से पूर्ण इस अस्पताल का निर्माण दक्षिण भारत की एजेंसी ने किया है। अस्पताल को निर्माण के बाद स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जा चुका है। इसमें ऑक्सीजन व वेंटिलेटर सहित अन्य सुविधाओं का जरूरत पड़नेे पर प्रयोग किया जा सकता है।

विदेश से आए चार लोगों को किया गया क्वारंटीन

बुधवार को विदेश से आए चार लोगों को क्वारंटीन किया गया। इनमें तीन गुहला क्षेत्र से तो एक व्यक्ति एक अन्य गांव से है। सभी को सख्त हिदायत देकर घर में रहने के लिए कहा गया है। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि पूंडरी ऑक्सीजन प्लांट के लिए विभाग स्वीकृति के इंतजार में है। जैसे ही स्वीकृति आएगी प्लांट का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, वहीं आरटीपीसीआर लैब का कार्य अभी प्रगति पर है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पोर्टेबल अस्पताल तैयार हो चुका है। जैसे ही जरूरत पड़ेगी, उसे प्रयोग कर सकते हैं। नए वैरिएंट को देखते हुए सभी आवश्यक निर्देशों का पालन किया जा रहा है।

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