कैथल। आगामी 23 फरवरी से एक मार्च तक छोटी काशी के राम से प्रसिद्ध कैथल शहर भगवान शिव के मंत्रों से गूंजेगा। महाभारत युद्ध के बाद भगवान श्रीकृष्ण द्वारा स्थापित करवाए गए ग्यारह रुद्रों वाले श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर में सात दिन तक महारुद्र यज्ञ का आयोजन होने जा रहा है। लोक कल्याण के निमित्त करवाए जा रहे यज्ञ में हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों सहित हरियाणा, पंजाब, दिल्ली सहित कई राज्यों के गणमान्य लोगों को निमंत्रण दिया गया है। यज्ञ के दौरान प्रतिदिन नौ वेदियों पर हवन होंगे। एक समय में एक वेदी पर चार ब्राह्मण पूजा करवाएंगे जिनमें एक यजमान घी और शेष तीन यजमान हवन सामग्री से आहुति डालेंगे। यज्ञ के लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गईं हैं।
हवन में 101 टीन देशी घी का प्रयोग किया जाएगा। एक टीन में 15 किलो घी होता है। इस तरह 1515 किलो घी और 40 मण (1600 किलो) हवन सामग्री का उपयोग यज्ञ में किया जाएगा।
यज्ञ के लिए नौ वेदियों की भव्य यज्ञशाला बनाई गई है। साथ ही कार्यक्रम के अध्यक्ष महामंडलेश्वर यतिंद्रानंद महाराज के लिए अलग से बांस की कुटिया बनाई गई है। इसे बनाने के लिए राजस्थान से 21 कारीगर बुलाए गए थे जो इसे तैयार करके जा चुके हैं। ये जानकारियां श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर सभा के प्रधान, महासचिव डॉ. राजेश गोयल, पूर्व चेयरमैन अरुण सर्राफ, पूर्व चेयरमैन बहादुर सैनी ने मंदिर प्रांगण में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में दी। इस मौके पर उनके साथ घनश्यामदास मित्तल, तुलसीदास सचदेवा, धर्मेंद्र गुप्ता, राजकुमार गोयल, सतनारायण मित्तल, रामकुमार गुप्ता, अशोक सैनी, इंद्रजीत सरदाना, भगतराम सैनी, वीरभान जैन, रमेश गर्ग, डा. मुकेश अग्रवाल, सुनील कुमार चुघ, सुरेश मित्तल, कृष्ण बत्तरा, राजकुमार गर्ग, सुभाष सैनी, लविश मित्तल, विजय मित्तल, पंकज मित्तल, सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।