पाई। गत 13 फरवरी को करोड़ा गांव में विधायक एवं पशुधन के चेयरमैन रणधीर सिंह गोलन के खिलाफ किए गए प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है। गांव निवासी पिंडर और चार-पांच अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। इससे किसानों में रोष है।
13 फरवरी को एक सड़क के उद्घाटन को लेकर रणधीर गोलन के कार्यक्रम का ग्रामीणों ने विरोध किया था। विरोध के चलते गोलन को गांव के बाहर से ही सड़क का उद्घाटन कर लौटना पड़ा था। ग्रामीण विधायक के पुत्र की सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी से ज्यादा आहत थे। अब इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस को दी गई शिकायत में सुरक्षा एजेंट नायब सिंह ने कहा कि 13 फरवरी को विधायक का गांव करोड़ा की गोशाला में कार्यक्रम था और गांव करोड़ा से गांव सेरहदा को जाने वाली सड़क का भी शिलान्यास करना था। सड़क शिलान्यास का समय दोपहर एक बजे निर्धारित था लेकिन गांव के कुछ नागरिकों ने विधायक को गांव में आने से रोकने के लिए गांव के बस अड्डे पर प्रदर्शन किया। इस दौरान विरोध में नारेबाजी भी की गई। इसके बाद विधायक गांव के बाहर से ही सड़क का शिलान्यास कर लौट गए। आरोप है कि विरोध के दौरान गांव निवासी पिंडर विधायक को गांव में प्रवेश करने पर गोली मारने की धमकी भी दे रहा था। उसके साथ तीन-चार अन्य आरोपी भी हैं। यह प्रदर्शन एक षड्यंत्र के तहत करवाया गया है। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है।
उधर, किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष महावीर सिंह चहल नरड़ ने कहा कि गोलन ही नहीं कोई भी विधायक या उसका जन प्रतिनिधि किसानों व ग्रामीणों के खिलाफ बोलेगा तो उसका ऐसे ही बहिष्कार होगा। ग्रामीणों ने कोई गलत कार्य नही किया। पहले किसान आंदोलन के दौरान भी विधायक ने गलत टिप्पणी की थी और यह टिप्पणी किसान और ग्रामीण भूल गए थे। अब उनके पुत्र ने विधायक के एक दिन पहले अभद्र भाषा का प्रयोग कर गांव में जबरदस्ती घुसने का चैलेंज किया था। उधर, किसान यूनियन के कार्यकारी प्रधान बलवान पाई ने बताया कि मसले को आपस में बैठ कर मामला सुलझाया जा सकता था।