प्रदूषण विभाग की तरफ से सील की गई चीका के तीन राइस मिलों को एक लाख 70 हजार क्विंटल धान देने वाली खरीद एजेंसी वेयर हाउस के इंस्पेक्टर विकास हुड्डा ने बताया कि प्रदूषण विभाग ने तीन राइस मिलों को सील करने के संबंध में उनके विभाग को कोई सूचना नहीं दी है। यदि संबंधित राइस मिलें धान की मिलिंग नहीं कर पातीं तो किसी अधिक लिमिट वाली राइस मिल को यह धान शिफ्ट कर दी जाएगी। सरकार धान का पूरा चावल हर हाल में वापस लेगी।
वहीं, सील किए गए दो राइस मिलों को धान देने वाली दूसरी खरीद एजेंसी फूड सप्लाई के इंस्पेक्टर जयभगवान ने कहा कि राइस मिलों को सील किए जाने के संबंध में उनके विभाग को कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि हरियाणा सरकार किसी निष्पक्ष एजेंसी से इस मामले की जांच करवाए तो चीका मंडी में हुए फर्जी गेट पास घोटाले के बाद एक और बड़े धान घोटाले से पर्दा उठ सकता है।
बीते 19 अक्तूबर को चीका में की गई जांच में चार राइस मिलें प्रदूषण विभाग के नियमों पर खरा नहीं उतरीं, जिसके चलते उन्हें सील किया गया है। जब तक ये राइस मिल विभाग की शर्तें पूरी नहीं करतीं, तब तक संबंधित राइस मिलों में मिलिंग नहीं की जा सकती। वहीं एक राइस मिल इससे पहले भी विभाग ने सील किया है, जिन्हें मिलिंग के लिए धान आवंटित किया गया है। - सतीश कुमार, वैज्ञानिक- बी, प्रदूषण विभाग कैथल।