इस बार चंद्र ग्रहण के साये में मनाई जाऐगी शरद पूर्णिमा। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण शनिवार 28 अक्तूबर को आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को है। आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। शरद पूर्णिमा पर चांद की चांदनी में रखी गई खीर खाने का विशेष महत्व रहता है। शरद पूर्णिमा और ग्रहण को लेकर आमजन में विभ्रम की स्थिति बनी है।
चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पूर्व लग जाता है। पंडित विशाल शर्मा ने कहा कि से बात की गई तो उन्होंने बताया की 37 वर्ष पूर्व भी शरद पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण पड़ा था। संवत 2043 में शरद पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण पड़ा था और अब संवत 2080 खग्रास चंद्र ग्रहण पडऩे जा रहा है। उन्होंने बताया की शरद पूर्णिमा की देर रात 01 बज कर 06 मिंट पर चंद्र ग्रहण लगेगा जो मध्य रात्रि 02 बज की 22 मिनट पर समाप्त होगा।
साल 2023 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अक्तूबर 2023 को है। भारत में इस चंद्र ग्रहण को देखा जा सकेगा। चंद्र ग्रहण रात 01 बजकर 06 मिनट पर शुरू होगा और 02 बजकर 22 मिनट पर खत्म होगा। इस चंद्र ग्रहण को भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, एशिया, हिंद महासागर, अटलांटिक, दक्षिणी प्रशांत महासागर, आर्कटिक और अंटार्कटिका में देखा जा सकेगा।
इस बार का चंद्र ग्रहण चूंकि मेष राशि में लगने जा रहा है इसलिए इससे मेष राशि के जातकों को विशेष सावधान रहने की जरूरत है। लेकिन इस दौरान इसके असर की सभी राशियों पर पडऩे वाले प्रभाव की बात करें तो मिथुन, कर्क, वृश्चिक, धनु एवं कुंभ राशि के लिए यह ग्रहण शुभ रहेगा। सिंह, तुला और मीन राशि के लिए मिश्रित फलदाई है। मेष, वृष, कन्या और मकर राशि के लिए अशुभ फलदाई है।