दिवाली पर इस बार जिले में पटाखों की बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। पिछले साल के नवंबर माह के वायु प्रदूषण के स्तर को देखते हुए एनजीटी के निर्देशानुसार प्रदूषण नियंत्रण विभाग की अनुशंसा पर पटाखा बिक्री पर रोक लगाई है।
जिलाधीश प्रदीप दहिया ने जिले को प्रदूषण से बचाव के दृष्टिगत एवं कोरोना महामारी से बचाव और हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड व एनजीटी के दिशा निर्देशानुसार जान माल की सुरक्षा के दृष्टिगत जिले की परिधि में आतिशबाजी / पटाखों की बिक्री और प्रयोग पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है।
आदेशों के अनुसार गत वर्ष अक्तूबर, नवंबर 2020 में जिला का वायु स्तर काफी नीचे चला गया था। इस वर्ष 20 से 22 अक्तूबर 2021 में वायु प्रदूषण के चलते आम जन को सांस लेने में परेशानी को देखते हुए जिला की परिधि में आतिशबाजी/पटाखों के प्रयोग व बिक्री पर पूर्ण पाबंदी लगाई गई है।
पुलिस अधीक्षक, एडीसी, सभी संबंधित एसडीएम, सिटी मैजिस्ट्रेट, डीडीपीओ, सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार, सभी डीएसपी, सभी बीडीपीओ, ईओ, सभी से सचिव नगरपालिका, सभी एसएचओ, फायर ऑफिसर आदेशों की पालना करवाना सुनिश्चित करेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी और सचिव रेडक्रॉस सोसायटी तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंधित पटाखों और आतिशबाजी से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करें। आदेशों की उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सेक्शन 188 तथा एक्सप्लोसिव एक्ट 1884 / एक्सप्लोसिव रूल्स 2008 के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।