अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। बाबा बंदा सिंह बहादुर की त्रि-शताब्दी शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में सूचना जन संपर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा आरकेएसडी कालेज के मैदान में लाइट एंड साउंड कार्यक्रम देर रात तक चला। इस कार्यक्रम का शुभारंभ अवसर पर डीसी रवि प्रकाश गुप्ता ने बाबा बंदा सिंह बहादुर की मूर्ति केे समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर ने अपने धर्म एवं मानवता की रक्षा के लिए कुर्बानी दी, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने अदम्य साहस तथा वीरता की ऐसी मिसाल कायम की, जिसका आज भी उनके अनुयायी अनुसरण करते हैं। उन्होंने विदेशी शासकों के सभी अत्याचारों को निडरता से सहते हुए अपने अनुयायियों का मार्ग दर्शन किया।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 2 से 8 जून तक बाबा बंदा सिंह बहादुर की याद में एक शोभा यात्रा निकाली जा रही है, जो प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरती हुई 4 जून को पूंडरी होते हुए शाम को शहर में पहुंचेगी तथा वहीं पर रात्रि प्रवास होगा। यह शोभा यात्रा 5 जून को गांव सांघन होते हुए दनोदा पहुंचेगी।
लाइट एंड साउंड कार्यक्रम के माध्यम से डा. एसके पुनिया के नेतृत्व में थियेटर आर्ट चंडीगढ़ के 24 कलाकारों ने बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन के हर पहलू को अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों देकर लोगों के सामने रखा। समारोह की प्रस्तुतियों ने सभी को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर बाबा बंदा सिंह बहादुर के जयकारों से गूंज उठा। इस कार्यक्रम में बंदा सिंह बहादुर के जीवन काल से लेकर उनकी शहीदी तक के पूरे इतिहास को लोगों के सामने प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के अनुसार बाबा बंदा सिंह बहादुर अपने समय के महान सिक्ख योद्धा थे। उनका पूरा जीवन त्याग, बलिदान, शौर्य और धर्म की रक्षा का जीता-जागता उदाहरण है। बाबा बंदा सिंह बहादुर ट्रस्ट द्वारा मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।
इस अवसर पर शिव शंकर पाहवा ने बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन के बारे में लोगों को जानकारी दी तथा उनकी महान कुर्बानी के बारे में बताया।
इस मौके पर गुहला के विधायक कुलवंत बाजीगर, एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक, नगराधीश नवीन आहुजा, कालेज के प्राचार्य ओपी गर्ग, सरदार खुजान सिंह मौजूद रहे।