कैथल। सड़कों पर बेलगाम दौड़ रहे ऑटो अन्य वाहन चालकों के लिए दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। कई ऑटो चालकों के पास इन्हें चलाने के लिए लाइसेंस भी नहीं हैं। कई बार तो निर्धारित से भी कम आयु के चालक ऑटो को सड़कों पर दौड़ाते दिखाई देते हैं। सड़क पर कहीं भी ऑटो के ब्रेक लगाने के कारण पीछे आ रहे वाहन इनके साथ टकरा जाते हैं, वहीं मनमाने तरीके से सड़क के बीच में ऑटो रुकने के कारण शहर में जाम की स्थिति पैदा हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस समय शहर व गांवों में लगभग 4 हजार ऑटो हैं। करीब 3 हजार ऑटो अलग-अलग जगहों पर शहरी क्षेत्र में ही चलाए जाते हैं। ऑटो खड़ा करने के लिए चालकों का कोई स्टैंड नहीं है। शहर में पिहोवा चौक, पुराना बस स्टैंड, नया बस स्टैंड, सर छोटूराम चौक, चंदाना गेट व कमेटी चौक सहित कई ऐसे स्थान हैं, जहां दिन भर ऑटो का जमावड़ा रहता है।
हर तरह जाने वाले रास्तों पर ऑटो अवैध तरीके से सड़क के बीच में खड़े रहते हैं। जल्दबाजी में चौक पार करने की होड़ में कई बार दूसरे वाहन चालक सामने खड़े ऑटो से टकरा जाते हैं और वाहनों को नुकसान होता है। ऑटो और अन्य वाहन चालकों के बीच कई बार कहासुनी भी होती है। वाहन चालक दुर्घटनाओं का भी शिकार हो रहे हैं।
पिहोवा चौक और बस स्टैंड के आसपास के दुकानदार विवेक, रोहित कुमार, जयवीर सिंह, नरेंद्र, सोनू, कप्तान सिंह व भूपेंद्र ने बताया कि शहर में करनाल, जींद और अंबाला रोड पर सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें से ज्यादातर ऑटो के कारण होती हैं। वहीं ऑटो यूनियन के प्रधान रामदिया प्रजापति, लवली शर्मा व रमेश मल्होत्रा का कहना है कि अगर शहर में ऑटो स्टैंड बना दिए जाएं तो समस्या काफी कम हो सकती है। इससे न तो दुर्घटनाएं होंगी और न ही उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा।
ट्रैफिक एसएचओ रमेश चंद्र ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कुछ दिन पहले ही ऑटो चालकों के साथ बैठक की है। चालकों को बार-बार नियमों का पालन करने के बारे में कहा जा रहा है। अब सर्दियों का मौसम शुरू हो गया है। अगर कोई ऑटो चालक नियमों का पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।