Ankush's cousin, who is in jail, is running a ransom gang sitting abroad
- फोटो : Kaithal
कैथल। हत्या और लूट सहित विभिन्न मामलों में जेल में बंद अंकुश के नाम पर विदेश से उसका चचेरा भाई रंगदारी गैंग चला रहा है। उसी के कहने पर दो युवकों ने 16 नवंबर को पूंडरी में किराना दुकानदार पर फायरिंग की थी। साथ ही 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद सोमवार को पुलिस ने पत्रकार वार्ता में रंगदारी गैंग का खुलासा किया।
सीआईए-1 परिसर में मीडिया से बातचीत में डीएसपी रविंद्र कुमार सांगवान ने बताया कि 16 नवंबर की सुबह हाबड़ी मोड़ पूंडरी पर किराना की दुकान करने वाले प्रतीक निवासी पूंडरी पर दो युवकों ने फायरिंग की थी। साथ ही एक पर्ची देकर 50 लाख रुपये की मांग की थी। पुलिस ने इस मामले में करनाल के कमालपुर निवासी अंकुश को गिरफ्तार कर 5 दिन के रिमांड पर लिया था। अंकुश पर पहले ही हत्या, लूट, शस्त्र अधिनियम सहित अन्य मामले दर्ज हैं और वह फिलहाल जेल में है। अंकुश से पूछताछ के बाद पुलिस ने किराना दुकानदार प्रतीक पर फायरिंग करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया था। जिसकी पहचान यमुनानगर के गांव दुसानी निवासी आशुतोष उर्फ कालू और यमुनानगर के कलारी गांव निवासी चंद्रप्रकाश के रूप में हुई थी। दोनों युवकों से पूछताछ के बाद पुलिस ने इन्हें हथियार और बाइक उपलब्ध कराने वाले अमित उर्फ मितु निवासी बुढेडा खालसा जिला करनाल तथा सुखदेव निवासी कलानौर जिला यमुनानगर को काबू किया। आरोपियों से पूछताछ और जांच के बाद डीएसपी ने सोमवार को खुलासा किया कि जेल में बंद अंकुश कमालपुर की गैंग को उसके नाम से उसका चचेरा भाई सुमित चलाता है, जो विदेश से वर्चुअल कॉल करके रंगदारी के संबंध में निर्देश जारी करता है। उन्होंने कहा कि मामले की गहनता से जांच पड़ताल अभी जारी है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी आशुतोष, चंद्रप्रकाश और अमित को न्यायालय में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस के अनुसार जल्द ही रंगदारी गैंग के सरगना सुमित को भी काबू किया जाएगा।
खुद को बचाने के लिए रॉबिन ने साजिश रचकर चलवाई थी प्रतीक पर गोली
विदेश में बैठे विरेंद्र ने रॉबिन की बजाए प्रतीक पर गोली चलाने के लिए सुमित को किया था तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पूंडरी में 16 नवंबर को प्रतीक पर नहीं बल्कि रॉबिन पर गोली चलाने की योजना बनी थी, लेकिन रॉबिन को इसकी भनक लग गई और उसने अपनी जान बचाने के लिए गैंग चला रहे सुमित उर्फ मित्तू के सहयोगी से संपर्क साधा और पूंडरी में ही प्रतीक का पता देकर उसे निशाना बनाने के लिए राजी कर लिया। पुलिस द्वारा अब इस मामले में जेल में बंद एक और आरोपी को रिमांड पर लिया जाना है।
डीएसपी रविंद्र सांगवान ने बताया कि जेल में बंद अंकुश के साथी साहिल निवासी कोयर जिला करनाल से आशुतोष उर्फ कालू मिला था। जिसने पूंडरी निवासी रॉबिन पर गोली चलाने का संदेश सुमित उर्फ मित्तू को दिया। आशुतोष ने सुखदेव उर्फ सुखा निवासी कलानौर जिला यमुनानगर की मार्फत सुमित से संपर्क किया था। सुखदेव की मार्फत ही आशुतोष अंकुश के साथ जेल में बंद साहिल से मिला था। इसके बाद सुमित के कहने पर आशुतोष चंद्रप्रकाश से मिला। डीएसपी ने बताया कि रॉबिन को जब स्वयं पर हमले की भनक लगी तो उसने सुमित के एक अन्य साथी विरेंद्र निवासी सांभी जिला करनाल के साथ सांठगांठ करके अपनी बजाए प्रतीक पर गोली चलवाने की योजना बनाई। विरेंद्र रॉबिन का दूर का रिश्तेदार बताया गया है। डीएसपी ने कहा कि रॉबिन को भी सीआईए-1 पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी सुमित तथा विरेंद्र को भी पुलिस द्वारा जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही जेल में बंद साहिल को भी जल्द ही रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।