A year ago, a child went missing from Sonbhadra district of UP, reunited with family
- फोटो : Kaithal
कैथल। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्यों व मानव तस्करी विरोधी दस्ता के पदाधिकारियों ने यूपी के जिला सोनभद्र के गांव पतगढ़ी से एक साल पहले लापता हुए बालक को उसके परिजनों से मिलवाया। शनिवार को बच्चा परिजनों को सौंप दिया।
बाल कल्याण समिति कार्यालय में समिति के चेयरमैन राणा बसंल ने बताया कि एक 15 वर्षीय बालक लगभग एक साल पहले यूपी के गांव पतगढ़ी से गुम हो गया था। 13 दिसंबर को चीका थाना से मानव तस्करी विरोधी दस्ता टीम को इसकी सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने चीका जाकर थाने से इस बालक को बरामद किया और बाल उपवन कैथल में रखा।
बालक मानसिक रूप से व बोलने में पूरी तरह से सक्षम नहीं है। लेकिन बालक ने अपना नाम, पिता का नाम, भाई बहनों का नाम बार-बार पूछने पर कुछ जानकारियां दीं। इसके आधार पर ही उसके परिजनों तक पहुंचा गया। टीम को बालक से मिली जानकारी के अनुसार सोनभद्र जिले में ग्राम प्रधान से संपर्क किया गया। ग्राम प्रधान ने उसकी फोटो मंगवाई और उसे आसपास के गांवों में पूछताछ की। जिला सोनभद्र के गांव पतगढ़ी में बालक के परिजनों का पता चला। इसके बाद ग्राम प्रधान ने बालक के पिता राजेश की बातचीत चाइल्ड वेलफेयर के सदस्यों से करवाई और जो जानकारी बालक से मिली थी, उसे राजेश के साथ शेयर किया तो बालक उन्हीं का पाया गया। इसके बाद बालक के पिता राजेश को कैथल में बुलाया गया और शनिवार को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी व मानव तस्करी विरोधी दस्ता के सदस्यों ने बालक को उसके पिता राजेश व मामा रोहित को सौंप दिया। इस अवसर पर एएचटीयू के एएसआई मदन लाल, मुख्य सिपाही सुनील कुमार, मनोज, कृष्ण, जोरा, सीडब्ल्यूसी के सदस्य मोर राजेश व अंजू जिंदल मौजूद रही।