शहर की 69 कॉलोनियां जल्द वैध होंगी। प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश की 2000 अवैध कॉलोनियों को वैध करने का फैसला लिया गया है। अब विधानसभा में ये प्रस्ताव पारित होना है।
इससे पूर्व पूरे प्रदेश की 600 कॉलोनियों का पंजीकरण हुआ है। नियमानुसार जो कॉलोनी रजिस्टर्ड होगी, उसी को नियमित किया जाएगा। कैथल शहर में 69 ऐसी कॉलोनियां हैं, जिनके लिए सर्वे करके डीटीपी कार्यालय ने सरकार को रिपोर्ट भेजी थी। सरकार ने इन कालोनियों की सर्वे रिपोर्ट को नगर परिषद कार्यालय के माध्यम से पुष्टि करवाए जाने के लिए लिखा था।
नगर परिषद द्वारा की जानी है 69 कॉलोनियों के सर्वे रिपोर्ट की पुष्टि
डीटीपी कार्यालय की ओर से शहर में चारों ओर विकसित हो चुकी 69 अवैध कॉलोनियों में रिहायशी इलाके, खाली इलाके सहित वैध होने के संबंध में आवश्यक औपचारिकताओं का सर्वे करके विभाग को फाइनल सूची भेजी थी। जिसमें बताया गया है कि पूरे जिले में 152 तो कैथल शहर में 69 ऐसी कॉलोनियां हैं, जो नियमों पर खरा उतरती हैं। इन्हें पक्का किया जा सकता है। डीटीपी विभाग मुख्यालय ने इसके लिए नगर निकाय को पत्र लिखकर इस सर्वे की एक तरह से जांच के लिए लिखा था।
नगर परिषद एमई राजकुमार शर्मा ने कहा कि पिछले दिनों चुनावी कार्य में व्यस्तता के कारण यह कार्य अभी पूरा नहीं हो पाया है। वे पता करवाएंगे कि इस मामले में कहां तक कार्रवाई हुई है।
नगर परिषद ईओ कुलदीप मलिक ने कहा कि विभागीय अधिकारियों के आदेशानुसार कॉलोनियों के सर्वे रिपोर्ट की पुष्टि कर जल्द ही रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी।
डीटीपी अनिल नरवाल ने कहा कि पूरे जिले से 150 से अधिक कॉलोनियों का सर्वे करवाकर विभाग को भेज दिया है। जैसे विभाग के आदेश आएंगे, आगे उनका पालन किया जाएगा।
कालोनियों के वैध होने से मिलेंगी सुविधाएं-
सरकार द्वारा कॉलोनियों को वैध कर दिया जाता है तो इनमें रहने वाले हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। सबसे बड़ी परेशानी इस समय बिजली कनेकशन की है। जो अवैध कॉलोनियों में नहीं दिया जा रहा। इसके अलावा उनके वैध होने पर वहां सीवरेज, पेयजल, सड़कें व अन्य सुविधाएं नगर परिषद द्वारा मुहैया करवाई जाएंगी। जिससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।