शहर में बारिश के बाद कई कालोनियों में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई कालोनियों के साथ-साथ सेक्टर 19 व 20 से भी पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। दोनों सेक्टरों के पार्कों में भारी मात्रा में जल भरा हुआ है। डीएमसी समवर्तक सिंह ने शहर से पानी की निकासी को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस संबंध में तत्परता से कार्रवाई की जाए। शहर के पानी को चार जगहों से पंपों से लिफ्ट करके ड्रेनों में डाला जा रहा है। जहां हर रोज करीब 500 से अधिक लीटर डीजल से मोटरें चलाई जा रही हैं। जिन्हें सोमवार से बिजली का अस्थाई कनेक्शन लेकर जल्द से जल्द पानी की निकासी के लिए कहा गया है।
एक सप्ताह से जारी बारिश के बाद शहर की कई कालोनियां इस समय भी जलमग्र हैं। रविवार को भी अर्जुन नगर के लोगों ने विधायक लीला राम से मिले। उन्होंने विधायक से अर्जुन नगर की कालोनियों से पानी की निकासी की मांग की। इसके अलावा अमरगढ़ गामड़ी 5 व 6, करनाल रोड पर कई कालोनियां, अंबकेश्वर कालोनी, प्रोफेसर कालोनी के निकट स्थित मॉडल टाउन सहित शहर की अनेकों कालोनियों में पानी भरा हुआ है।
सीवरेज में खुद उतरे कालोनी वासी
प्रताप गेट स्थित अंबकेश्वर कालोनी निवासी विक्की, चाहत, नरेश, काका, साहिल, राहुल, मुकेश, बाबा, आजाद सिंह व अन्य ने कहा कि यहां पानी भरा हुआ है। सीवरेज बंद पड़े हैं। एक बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बुलाया था, वे आए। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। कालोनी के लोग खुद सीवरेज में उतरे और उसे खोला। यह काफी गंभीर स्थिति है। इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए। घरों में आने जाने तक का रास्ता नहीं बचा है।
एक्सईएन नगर परिषद हिमांशु लाटका ने कहा कि अमृत योजना के तहत मानस ड्रेन व अमीन ड्रेन में पानी मोटरों की मदद से लिफ्ट किया जा रहा है। यहां जनरेटर डीजल से चलाए जा रहे हैं। लेकिन अब इनके लिए सोमवार को अस्थाई ट्रांसफार्मर लगवाकर पानी की जल्द निकासी करवाई जाएगी।
डीएमसी समतर्वक सिंह ने कहा कि शहर से पानी की निकासी के लिए अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया गया है। करीब 400 से 500 लीटर डीजल खर्च करके पानी को ड्रेनों में लिफ्ट किया जा रहा है। जिसमें खर्च भी अधिक आ रहा है और पानी कम स्पीड से उठ रहा है। अब अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सोमवार सांय 4 बजे तक बिजली के अस्थाई कनेक्शन लेकर पानी लिफ्ट करें। इसके लिए न केवल नगर परिषद बल्कि जनस्वास्थ्य विभाग व बिजली विभाग के अधिकारियों से भी बात की गई है। ताकि शहर से पानी की निकासी जल्छ हो और लोगों को परेशानी न हो।